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दैनिक पंचांग

वाराणसी पंचांग, मंगल, 26 अगस्त 2031

मंगल, 26 अगस्त 2031 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:36 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र अनुराधा, योग इन्द्र और करण बव है। राहु काल दोपहर 3:11 – शाम 4:47 है।

सूर्योदय
तड़के 5:36
सूर्यास्त
शाम 6:23
तिथि
अष्टमी · सुबह 11:22 तक
नक्षत्र
अनुराधा · दोपहर 3:02 तक
योग
इन्द्र
करण
बव
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 3:11 – शाम 4:47
यमगंड
सुबह 8:48 – सुबह 10:23
गुलिक काल
सुबह 11:59 – दोपहर 1:35
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:27 – दोपहर 12:15
अमृत काल
सुबह 8:00 – सुबह 9:35

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आज वाराणसी में

मंगल, 26 अगस्त 2031 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:36 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र अनुराधा, योग इन्द्र और करण बव है। राहु काल दोपहर 3:11 – शाम 4:47 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल वाराणसी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

वाराणसी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 27 अगस्त 2031नवमीज्येष्ठासुबह 11:59 – दोपहर 1:35
गुरु, 28 अगस्त 2031दशमीमूलदोपहर 1:34 – दोपहर 3:10
शुक्र, 29 अगस्त 2031द्वादशीपूर्वाषाढ़ासुबह 10:23 – सुबह 11:58
शनि, 30 अगस्त 2031त्रयोदशीउत्तराषाढ़ासुबह 8:48 – सुबह 10:23
रवि, 31 अगस्त 2031चतुर्दशीधनिष्ठाशाम 4:43 – शाम 6:18
सोम, 1 सितंबर 2031पूर्णिमाशतभिषासुबह 7:13 – सुबह 8:48

सामान्य प्रश्न

मंगल, 26 अगस्त 2031 को वाराणसी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि अष्टमी है; सुबह 11:22 तक।

मंगल, 26 अगस्त 2031 को वाराणसी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र अनुराधा है; दोपहर 3:02 तक।

मंगल, 26 अगस्त 2031 को वाराणसी में राहु काल कब है?

वाराणसी में राहु काल दोपहर 3:11 – शाम 4:47 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 26 अगस्त 2031 को वाराणसी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:36 और सूर्यास्त शाम 6:23 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।