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दैनिक पंचांग

वाराणसी पंचांग, बुध, 27 अगस्त 2031

बुध, 27 अगस्त 2031 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:36 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र ज्येष्ठा, योग Vishkumbha और करण कौलव है। राहु काल सुबह 11:59 – दोपहर 1:35 है।

सूर्योदय
तड़के 5:36
सूर्यास्त
शाम 6:22
तिथि
नवमी · सुबह 9:22 तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा · दोपहर 1:44 तक
योग
Vishkumbha
करण
कौलव
वार
बुधवार
राहु काल
सुबह 11:59 – दोपहर 1:35
यमगंड
सुबह 7:12 – सुबह 8:48
गुलिक काल
सुबह 10:23 – सुबह 11:59
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:27 – दोपहर 12:15
अमृत काल
सुबह 9:35 – सुबह 11:11

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आज वाराणसी में

बुध, 27 अगस्त 2031 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:36 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र ज्येष्ठा, योग Vishkumbha और करण कौलव है। राहु काल सुबह 11:59 – दोपहर 1:35 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल वाराणसी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

वाराणसी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 28 अगस्त 2031दशमीमूलदोपहर 1:34 – दोपहर 3:10
शुक्र, 29 अगस्त 2031द्वादशीपूर्वाषाढ़ासुबह 10:23 – सुबह 11:58
शनि, 30 अगस्त 2031त्रयोदशीउत्तराषाढ़ासुबह 8:48 – सुबह 10:23
रवि, 31 अगस्त 2031चतुर्दशीधनिष्ठाशाम 4:43 – शाम 6:18
सोम, 1 सितंबर 2031पूर्णिमाशतभिषासुबह 7:13 – सुबह 8:48
मंगल, 2 सितंबर 2031प्रतिपदापूर्वा भाद्रपददोपहर 3:07 – शाम 4:41

सामान्य प्रश्न

बुध, 27 अगस्त 2031 को वाराणसी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि नवमी है; सुबह 9:22 तक।

बुध, 27 अगस्त 2031 को वाराणसी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र ज्येष्ठा है; दोपहर 1:44 तक।

बुध, 27 अगस्त 2031 को वाराणसी में राहु काल कब है?

वाराणसी में राहु काल सुबह 11:59 – दोपहर 1:35 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 27 अगस्त 2031 को वाराणसी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:36 और सूर्यास्त शाम 6:22 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।