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दैनिक पंचांग

वाराणसी पंचांग, मंगल, 20 मई 2031

मंगल, 20 मई 2031 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:11 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र भरणी, योग सौभाग्य और करण शकुनि है। राहु काल दोपहर 3:16 – शाम 4:57 है।

सूर्योदय
तड़के 5:11
सूर्यास्त
शाम 6:38
तिथि
चतुर्दशी · सुबह 11:15 तक
नक्षत्र
भरणी · शाम 6:53 तक
योग
सौभाग्य
करण
शकुनि
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 3:16 – शाम 4:57
यमगंड
सुबह 8:33 – सुबह 10:13
गुलिक काल
सुबह 11:54 – दोपहर 1:35
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:21 – दोपहर 12:09
अमृत काल
सुबह 7:42 – सुबह 9:23

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आज वाराणसी में

मंगल, 20 मई 2031 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:11 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र भरणी, योग सौभाग्य और करण शकुनि है। राहु काल दोपहर 3:16 – शाम 4:57 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल वाराणसी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

वाराणसी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 21 मई 2031अमावस्याकृत्तिकासुबह 11:54 – दोपहर 1:35
गुरु, 22 मई 2031प्रतिपदारोहिणीदोपहर 1:36 – दोपहर 3:17
शुक्र, 23 मई 2031द्वितीयामृगशिरासुबह 10:13 – सुबह 11:54
शनि, 24 मई 2031तृतीयाआर्द्रासुबह 8:32 – सुबह 10:13
रवि, 25 मई 2031चतुर्थीआर्द्राशाम 4:59 – शाम 6:40
सोम, 26 मई 2031पंचमीपुनर्वसुसुबह 6:50 – सुबह 8:32

सामान्य प्रश्न

मंगल, 20 मई 2031 को वाराणसी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी है; सुबह 11:15 तक।

मंगल, 20 मई 2031 को वाराणसी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र भरणी है; शाम 6:53 तक।

मंगल, 20 मई 2031 को वाराणसी में राहु काल कब है?

वाराणसी में राहु काल दोपहर 3:16 – शाम 4:57 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 20 मई 2031 को वाराणसी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:11 और सूर्यास्त शाम 6:38 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।