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दैनिक पंचांग

वाराणसी पंचांग, रवि, 25 मई 2031

रवि, 25 मई 2031 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:09 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र आर्द्रा, योग धृति और करण वणिज है। राहु काल शाम 4:59 – शाम 6:40 है।

सूर्योदय
तड़के 5:09
सूर्यास्त
शाम 6:40
तिथि
चतुर्थी · रात 9:52 तक
नक्षत्र
आर्द्रा · तड़के 5:39 तक
योग
धृति
करण
वणिज
वार
रविवार
राहु काल
शाम 4:59 – शाम 6:40
यमगंड
सुबह 11:55 – दोपहर 1:36
गुलिक काल
दोपहर 3:17 – शाम 4:59
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:21 – दोपहर 12:09
अमृत काल
दोपहर 12:45 – दोपहर 2:27

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आज वाराणसी में

रवि, 25 मई 2031 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:09 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र आर्द्रा, योग धृति और करण वणिज है। राहु काल शाम 4:59 – शाम 6:40 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल वाराणसी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

वाराणसी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
सोम, 26 मई 2031पंचमीपुनर्वसुसुबह 6:50 – सुबह 8:32
मंगल, 27 मई 2031षष्ठीपुष्यदोपहर 3:18 – शाम 5:00
बुध, 28 मई 2031सप्तमीआश्लेषासुबह 11:55 – दोपहर 1:37
गुरु, 29 मई 2031अष्टमीमघादोपहर 1:37 – दोपहर 3:19
शुक्र, 30 मई 2031नवमीपूर्वा फाल्गुनीसुबह 10:13 – सुबह 11:55
शनि, 31 मई 2031नवमीउत्तरा फाल्गुनीसुबह 8:31 – सुबह 10:13

सामान्य प्रश्न

रवि, 25 मई 2031 को वाराणसी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी है; रात 9:52 तक।

रवि, 25 मई 2031 को वाराणसी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र आर्द्रा है; तड़के 5:39 तक।

रवि, 25 मई 2031 को वाराणसी में राहु काल कब है?

वाराणसी में राहु काल शाम 4:59 – शाम 6:40 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

रवि, 25 मई 2031 को वाराणसी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:09 और सूर्यास्त शाम 6:40 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।