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दैनिक पंचांग

वाराणसी पंचांग, रवि, 7 अप्रैल 2030

रवि, 7 अप्रैल 2030 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:43 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र कृत्तिका, योग प्रीति और करण विष्टि है। राहु काल शाम 4:43 – शाम 6:17 है।

सूर्योदय
तड़के 5:43
सूर्यास्त
शाम 6:17
तिथि
चतुर्थी · दोपहर 12:35 तक
नक्षत्र
कृत्तिका · सुबह 10:03 तक
योग
प्रीति
करण
विष्टि
वार
रविवार
राहु काल
शाम 4:43 – शाम 6:17
यमगंड
दोपहर 12:00 – दोपहर 1:34
गुलिक काल
दोपहर 3:08 – शाम 4:43
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:29 – दोपहर 12:17
अमृत काल
दोपहर 12:47 – दोपहर 2:21

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आज वाराणसी में

रवि, 7 अप्रैल 2030 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:43 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र कृत्तिका, योग प्रीति और करण विष्टि है। राहु काल शाम 4:43 – शाम 6:17 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल वाराणसी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

वाराणसी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
सोम, 8 अप्रैल 2030पंचमीरोहिणीसुबह 7:17 – सुबह 8:51
मंगल, 9 अप्रैल 2030षष्ठीमृगशिरादोपहर 3:09 – शाम 4:43
बुध, 10 अप्रैल 2030सप्तमीआर्द्रासुबह 11:59 – दोपहर 1:34
गुरु, 11 अप्रैल 2030अष्टमीपुनर्वसुदोपहर 1:34 – दोपहर 3:09
शुक्र, 12 अप्रैल 2030नवमीपुष्यसुबह 10:24 – सुबह 11:59
शनि, 13 अप्रैल 2030दशमीआश्लेषासुबह 8:48 – सुबह 10:23

सामान्य प्रश्न

रवि, 7 अप्रैल 2030 को वाराणसी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी है; दोपहर 12:35 तक।

रवि, 7 अप्रैल 2030 को वाराणसी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र कृत्तिका है; सुबह 10:03 तक।

रवि, 7 अप्रैल 2030 को वाराणसी में राहु काल कब है?

वाराणसी में राहु काल शाम 4:43 – शाम 6:17 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

रवि, 7 अप्रैल 2030 को वाराणसी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:43 और सूर्यास्त शाम 6:17 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।