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दैनिक पंचांग

वाराणसी पंचांग, शनि, 23 मार्च 2030

शनि, 23 मार्च 2030 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:59 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र विशाखा, योग व्याघात और करण बालव है। राहु काल सुबह 9:02 – सुबह 10:33 है।

सूर्योदय
तड़के 5:59
सूर्यास्त
शाम 6:10
तिथि
चतुर्थी · सुबह 11:16 तक
नक्षत्र
विशाखा · रात 10:45 तक
योग
व्याघात
करण
बालव
वार
शनिवार
राहु काल
सुबह 9:02 – सुबह 10:33
यमगंड
दोपहर 1:36 – दोपहर 3:07
गुलिक काल
तड़के 5:59 – सुबह 7:30
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:34 – दोपहर 12:22
अमृत काल
दोपहर 2:22 – दोपहर 3:53

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आज वाराणसी में

शनि, 23 मार्च 2030 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:59 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र विशाखा, योग व्याघात और करण बालव है। राहु काल सुबह 9:02 – सुबह 10:33 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल वाराणसी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

वाराणसी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
रवि, 24 मार्च 2030पंचमीअनुराधाशाम 4:39 – शाम 6:10
सोम, 25 मार्च 2030षष्ठीज्येष्ठासुबह 7:28 – सुबह 9:00
मंगल, 26 मार्च 2030अष्टमीमूलदोपहर 3:07 – शाम 4:39
बुध, 27 मार्च 2030नवमीपूर्वाषाढ़ादोपहर 12:03 – दोपहर 1:35
गुरु, 28 मार्च 2030दशमीउत्तराषाढ़ादोपहर 1:35 – दोपहर 3:08
शुक्र, 29 मार्च 2030एकादशीश्रवणसुबह 10:30 – दोपहर 12:03

सामान्य प्रश्न

शनि, 23 मार्च 2030 को वाराणसी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी है; सुबह 11:16 तक।

शनि, 23 मार्च 2030 को वाराणसी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र विशाखा है; रात 10:45 तक।

शनि, 23 मार्च 2030 को वाराणसी में राहु काल कब है?

वाराणसी में राहु काल सुबह 9:02 – सुबह 10:33 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शनि, 23 मार्च 2030 को वाराणसी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:59 और सूर्यास्त शाम 6:10 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।