दैनिक पंचांग
सूरत पंचांग, शनि, 28 फ़रवरी 2037
शनि, 28 फ़रवरी 2037 को सूरत में सूर्योदय सुबह 6:59 पर और सूर्यास्त शाम 6:42 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि त्रयोदशी है, जो दोपहर 1:25 तक रहेगी, और नक्षत्र आश्लेषा है, जो रात 2:37 तक रहेगा। योग सौभाग्य और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 9:55 – सुबह 11:23 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:59
- सूर्यास्त
- शाम 6:42
- तिथि
- त्रयोदशी · दोपहर 1:25 तक
- नक्षत्र
- आश्लेषा · रात 2:37 तक
- योग
- सौभाग्य
- करण
- तैतिल
- वार
- शनिवार
- राहु काल
- सुबह 9:55 – सुबह 11:23
- यमगंड
- दोपहर 2:19 – दोपहर 3:46
- गुलिक काल
- सुबह 6:59 – सुबह 8:27
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:21 – दोपहर 1:09
- अमृत काल
- दोपहर 3:03 – शाम 4:30
आज सूरत में
शनि, 28 फ़रवरी 2037 को सूरत में सूर्योदय सुबह 6:59 पर और सूर्यास्त शाम 6:42 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि त्रयोदशी है, जो दोपहर 1:25 तक रहेगी, और नक्षत्र आश्लेषा है, जो रात 2:37 तक रहेगा। योग सौभाग्य और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 9:55 – सुबह 11:23 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल सूरत के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| रवि, 1 मार्च 2037 | चतुर्दशी | मघा | शाम 5:15 – शाम 6:43 |
| सोम, 2 मार्च 2037 | पूर्णिमा | पूर्वा फाल्गुनी | सुबह 8:26 – सुबह 9:54 |
| मंगल, 3 मार्च 2037 | द्वितीया | उत्तरा फाल्गुनी | दोपहर 3:47 – शाम 5:15 |
| बुध, 4 मार्च 2037 | तृतीया | हस्त | दोपहर 12:50 – दोपहर 2:18 |
| गुरु, 5 मार्च 2037 | चतुर्थी | चित्रा | दोपहर 2:18 – दोपहर 3:47 |
| शुक्र, 6 मार्च 2037 | पंचमी | स्वाती | सुबह 11:21 – दोपहर 12:49 |
सामान्य प्रश्न
शनि, 28 फ़रवरी 2037 को सूरत में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी है; दोपहर 1:25 तक।
शनि, 28 फ़रवरी 2037 को सूरत में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र आश्लेषा है; रात 2:37 तक।
शनि, 28 फ़रवरी 2037 को सूरत में राहु काल कब है?
सूरत में राहु काल सुबह 9:55 – सुबह 11:23 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शनि, 28 फ़रवरी 2037 को सूरत में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:59 और सूर्यास्त शाम 6:42 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।