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दैनिक पंचांग

सूरत पंचांग, सोम, 1 दिसंबर 2031

सोम, 1 दिसंबर 2031 को सूरत में सूर्योदय सुबह 6:59 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र आर्द्रा, योग सिद्ध और करण गर है। राहु काल सुबह 8:21 – सुबह 9:43 है।

सूर्योदय
सुबह 6:59
सूर्यास्त
शाम 5:55
तिथि
द्वितीया · सुबह 7:56 तक
नक्षत्र
आर्द्रा · सुबह 7:06 तक
योग
सिद्ध
करण
गर
वार
सोमवार
राहु काल
सुबह 8:21 – सुबह 9:43
यमगंड
सुबह 11:05 – दोपहर 12:27
गुलिक काल
दोपहर 1:49 – दोपहर 3:11
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 12:00 – दोपहर 12:48
अमृत काल
सुबह 7:40 – सुबह 9:02

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आज सूरत में

सोम, 1 दिसंबर 2031 को सूरत में सूर्योदय सुबह 6:59 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र आर्द्रा, योग सिद्ध और करण गर है। राहु काल सुबह 8:21 – सुबह 9:43 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल सूरत के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

सूरत – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
मंगल, 2 दिसंबर 2031तृतीयाआर्द्रादोपहर 3:11 – शाम 4:33
बुध, 3 दिसंबर 2031चतुर्थीपुनर्वसुदोपहर 12:28 – दोपहर 1:50
गुरु, 4 दिसंबर 2031पंचमीपुष्यदोपहर 1:50 – दोपहर 3:12
शुक्र, 5 दिसंबर 2031षष्ठीआश्लेषासुबह 11:07 – दोपहर 12:29
शनि, 6 दिसंबर 2031सप्तमीमघासुबह 9:45 – सुबह 11:07
रवि, 7 दिसंबर 2031अष्टमीपूर्वा फाल्गुनीशाम 4:35 – शाम 5:56

सामान्य प्रश्न

सोम, 1 दिसंबर 2031 को सूरत में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि द्वितीया है; सुबह 7:56 तक।

सोम, 1 दिसंबर 2031 को सूरत में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र आर्द्रा है; सुबह 7:06 तक।

सोम, 1 दिसंबर 2031 को सूरत में राहु काल कब है?

सूरत में राहु काल सुबह 8:21 – सुबह 9:43 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

सोम, 1 दिसंबर 2031 को सूरत में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:59 और सूर्यास्त शाम 5:55 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।