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दैनिक पंचांग

सूरत पंचांग, गुरु, 4 दिसंबर 2031

गुरु, 4 दिसंबर 2031 को सूरत में सूर्योदय सुबह 7:01 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र पुष्य, योग शुक्ल और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 1:50 – दोपहर 3:12 है।

सूर्योदय
सुबह 7:01
सूर्यास्त
शाम 5:56
तिथि
पंचमी · दोपहर 3:02 तक
नक्षत्र
पुष्य · दोपहर 12:55 तक
योग
शुक्ल
करण
तैतिल
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 1:50 – दोपहर 3:12
यमगंड
सुबह 7:01 – सुबह 8:22
गुलिक काल
सुबह 9:44 – सुबह 11:06
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 12:01 – दोपहर 12:49
अमृत काल
सुबह 11:47 – दोपहर 1:09

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आज सूरत में

गुरु, 4 दिसंबर 2031 को सूरत में सूर्योदय सुबह 7:01 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र पुष्य, योग शुक्ल और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 1:50 – दोपहर 3:12 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल सूरत के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

सूरत – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 5 दिसंबर 2031षष्ठीआश्लेषासुबह 11:07 – दोपहर 12:29
शनि, 6 दिसंबर 2031सप्तमीमघासुबह 9:45 – सुबह 11:07
रवि, 7 दिसंबर 2031अष्टमीपूर्वा फाल्गुनीशाम 4:35 – शाम 5:56
सोम, 8 दिसंबर 2031नवमीउत्तरा फाल्गुनीसुबह 8:25 – सुबह 9:46
मंगल, 9 दिसंबर 2031दशमीहस्तदोपहर 3:14 – शाम 4:35
बुध, 10 दिसंबर 2031एकादशीचित्रादोपहर 12:31 – दोपहर 1:52

सामान्य प्रश्न

गुरु, 4 दिसंबर 2031 को सूरत में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि पंचमी है; दोपहर 3:02 तक।

गुरु, 4 दिसंबर 2031 को सूरत में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पुष्य है; दोपहर 12:55 तक।

गुरु, 4 दिसंबर 2031 को सूरत में राहु काल कब है?

सूरत में राहु काल दोपहर 1:50 – दोपहर 3:12 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 4 दिसंबर 2031 को सूरत में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 7:01 और सूर्यास्त शाम 5:56 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।