दैनिक पंचांग
सेलम पंचांग, सोम, 4 मई 2037
सोम, 4 मई 2037 को सेलम में सूर्योदय तड़के 5:57 पर और सूर्यास्त शाम 6:31 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि पंचमी है, जो शाम 6:28 तक रहेगी, और नक्षत्र मूल है, जो तड़के 5:50 तक रहेगा। योग शिव और करण कौलव है। राहु काल सुबह 7:31 – सुबह 9:05 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:57
- सूर्यास्त
- शाम 6:31
- तिथि
- पंचमी · शाम 6:28 तक
- नक्षत्र
- मूल · तड़के 5:50 तक
- योग
- शिव
- करण
- कौलव
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 7:31 – सुबह 9:05
- यमगंड
- सुबह 10:39 – दोपहर 12:14
- गुलिक काल
- दोपहर 1:48 – दोपहर 3:22
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:42 – दोपहर 12:30
- अमृत काल
- सुबह 6:44 – सुबह 8:18
आज सेलम में
सोम, 4 मई 2037 को सेलम में सूर्योदय तड़के 5:57 पर और सूर्यास्त शाम 6:31 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि पंचमी है, जो शाम 6:28 तक रहेगी, और नक्षत्र मूल है, जो तड़के 5:50 तक रहेगा। योग शिव और करण कौलव है। राहु काल सुबह 7:31 – सुबह 9:05 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल सेलम के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 5 मई 2037 | षष्ठी | पूर्वाषाढ़ा | दोपहर 3:22 – शाम 4:57 |
| बुध, 6 मई 2037 | सप्तमी | उत्तराषाढ़ा | दोपहर 12:14 – दोपहर 1:48 |
| गुरु, 7 मई 2037 | अष्टमी | श्रवण | दोपहर 1:48 – दोपहर 3:22 |
| शुक्र, 8 मई 2037 | नवमी | धनिष्ठा | सुबह 10:39 – दोपहर 12:13 |
| शनि, 9 मई 2037 | दशमी | शतभिषा | सुबह 9:04 – सुबह 10:39 |
| रवि, 10 मई 2037 | एकादशी | पूर्वा भाद्रपद | शाम 4:57 – शाम 6:32 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 4 मई 2037 को सेलम में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि पंचमी है; शाम 6:28 तक।
सोम, 4 मई 2037 को सेलम में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र मूल है; तड़के 5:50 तक।
सोम, 4 मई 2037 को सेलम में राहु काल कब है?
सेलम में राहु काल सुबह 7:31 – सुबह 9:05 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 4 मई 2037 को सेलम में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:57 और सूर्यास्त शाम 6:31 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।