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दैनिक पंचांग

पुणे पंचांग, गुरु, 18 मार्च 2032

गुरु, 18 मार्च 2032 को पुणे में सूर्योदय सुबह 6:40 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र मृगशिरा, योग प्रीति और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 2:13 – दोपहर 3:43 है।

सूर्योदय
सुबह 6:40
सूर्यास्त
शाम 6:45
तिथि
सप्तमी · दोपहर 1:39 तक
नक्षत्र
मृगशिरा · सुबह 6:41 तक
योग
प्रीति
करण
वणिज
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 2:13 – दोपहर 3:43
यमगंड
सुबह 6:40 – सुबह 8:10
गुलिक काल
सुबह 9:41 – सुबह 11:12
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 12:12 – दोपहर 1:00
अमृत काल
सुबह 11:57 – दोपहर 1:27

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आज पुणे में

गुरु, 18 मार्च 2032 को पुणे में सूर्योदय सुबह 6:40 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र मृगशिरा, योग प्रीति और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 2:13 – दोपहर 3:43 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुणे के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पुणे – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 19 मार्च 2032अष्टमीमृगशिरासुबह 11:11 – दोपहर 12:42
शनि, 20 मार्च 2032नवमीआर्द्रासुबह 9:40 – सुबह 11:11
रवि, 21 मार्च 2032दशमीपुनर्वसुशाम 5:14 – शाम 6:45
सोम, 22 मार्च 2032एकादशीपुष्यसुबह 8:08 – सुबह 9:39
मंगल, 23 मार्च 2032द्वादशीआश्लेषादोपहर 3:43 – शाम 5:15
बुध, 24 मार्च 2032त्रयोदशीमघादोपहर 12:40 – दोपहर 2:12

सामान्य प्रश्न

गुरु, 18 मार्च 2032 को पुणे में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि सप्तमी है; दोपहर 1:39 तक।

गुरु, 18 मार्च 2032 को पुणे में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र मृगशिरा है; सुबह 6:41 तक।

गुरु, 18 मार्च 2032 को पुणे में राहु काल कब है?

पुणे में राहु काल दोपहर 2:13 – दोपहर 3:43 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 18 मार्च 2032 को पुणे में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:40 और सूर्यास्त शाम 6:45 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।