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दैनिक पंचांग

पुणे पंचांग, रवि, 21 मार्च 2032

रवि, 21 मार्च 2032 को पुणे में सूर्योदय सुबह 6:37 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र पुनर्वसु, योग शोभन और करण तैतिल है। राहु काल शाम 5:14 – शाम 6:45 है।

सूर्योदय
सुबह 6:37
सूर्यास्त
शाम 6:45
तिथि
दशमी · रात 8:00 तक
नक्षत्र
पुनर्वसु · दोपहर 12:07 तक
योग
शोभन
करण
तैतिल
वार
रविवार
राहु काल
शाम 5:14 – शाम 6:45
यमगंड
दोपहर 12:41 – दोपहर 2:12
गुलिक काल
दोपहर 3:43 – शाम 5:14
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 12:11 – दोपहर 12:59
अमृत काल
दोपहर 1:27 – दोपहर 2:58

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आज पुणे में

रवि, 21 मार्च 2032 को पुणे में सूर्योदय सुबह 6:37 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र पुनर्वसु, योग शोभन और करण तैतिल है। राहु काल शाम 5:14 – शाम 6:45 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुणे के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पुणे – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
सोम, 22 मार्च 2032एकादशीपुष्यसुबह 8:08 – सुबह 9:39
मंगल, 23 मार्च 2032द्वादशीआश्लेषादोपहर 3:43 – शाम 5:15
बुध, 24 मार्च 2032त्रयोदशीमघादोपहर 12:40 – दोपहर 2:12
गुरु, 25 मार्च 2032चतुर्दशीपूर्वा फाल्गुनीदोपहर 2:12 – दोपहर 3:43
शुक्र, 26 मार्च 2032पूर्णिमाउत्तरा फाल्गुनीसुबह 11:08 – दोपहर 12:40
शनि, 27 मार्च 2032पूर्णिमाहस्तसुबह 9:36 – सुबह 11:08

सामान्य प्रश्न

रवि, 21 मार्च 2032 को पुणे में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि दशमी है; रात 8:00 तक।

रवि, 21 मार्च 2032 को पुणे में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पुनर्वसु है; दोपहर 12:07 तक।

रवि, 21 मार्च 2032 को पुणे में राहु काल कब है?

पुणे में राहु काल शाम 5:14 – शाम 6:45 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

रवि, 21 मार्च 2032 को पुणे में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:37 और सूर्यास्त शाम 6:45 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।