दैनिक पंचांग
पुणे पंचांग, रवि, 22 दिसंबर 2030
रवि, 22 दिसंबर 2030 को पुणे में सूर्योदय सुबह 7:02 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र विशाखा, योग सुकर्मा और करण तैतिल है। राहु काल शाम 4:40 – शाम 6:03 है।
- सूर्योदय
- सुबह 7:02
- सूर्यास्त
- शाम 6:03
- तिथि
- द्वादशी · सुबह 9:42 तक
- नक्षत्र
- विशाखा · दोपहर 3:00 तक
- योग
- सुकर्मा
- करण
- तैतिल
- वार
- रविवार
- राहु काल
- शाम 4:40 – शाम 6:03
- यमगंड
- दोपहर 12:33 – दोपहर 1:55
- गुलिक काल
- दोपहर 3:18 – शाम 4:40
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:05 – दोपहर 12:53
- अमृत काल
- दोपहर 1:14 – दोपहर 2:37
आज पुणे में
रवि, 22 दिसंबर 2030 को पुणे में सूर्योदय सुबह 7:02 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र विशाखा, योग सुकर्मा और करण तैतिल है। राहु काल शाम 4:40 – शाम 6:03 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुणे के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| सोम, 23 दिसंबर 2030 | त्रयोदशी | अनुराधा | सुबह 8:25 – सुबह 9:48 |
| मंगल, 24 दिसंबर 2030 | अमावस्या | ज्येष्ठा | दोपहर 3:19 – शाम 4:42 |
| बुध, 25 दिसंबर 2030 | प्रतिपदा | मूल | दोपहर 12:34 – दोपहर 1:57 |
| गुरु, 26 दिसंबर 2030 | द्वितीया | उत्तराषाढ़ा | दोपहर 1:57 – दोपहर 3:20 |
| शुक्र, 27 दिसंबर 2030 | तृतीया | श्रवण | सुबह 11:12 – दोपहर 12:35 |
| शनि, 28 दिसंबर 2030 | चतुर्थी | धनिष्ठा | सुबह 9:50 – सुबह 11:13 |
सामान्य प्रश्न
रवि, 22 दिसंबर 2030 को पुणे में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि द्वादशी है; सुबह 9:42 तक।
रवि, 22 दिसंबर 2030 को पुणे में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र विशाखा है; दोपहर 3:00 तक।
रवि, 22 दिसंबर 2030 को पुणे में राहु काल कब है?
पुणे में राहु काल शाम 4:40 – शाम 6:03 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
रवि, 22 दिसंबर 2030 को पुणे में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 7:02 और सूर्यास्त शाम 6:03 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।