दैनिक पंचांग
पुणे पंचांग, सोम, 23 दिसंबर 2030
सोम, 23 दिसंबर 2030 को पुणे में सूर्योदय सुबह 7:02 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र अनुराधा, योग धृति और करण वणिज है। राहु काल सुबह 8:25 – सुबह 9:48 है।
- सूर्योदय
- सुबह 7:02
- सूर्यास्त
- शाम 6:04
- तिथि
- त्रयोदशी · सुबह 6:24 तक
- नक्षत्र
- अनुराधा · दोपहर 12:20 तक
- योग
- धृति
- करण
- वणिज
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 8:25 – सुबह 9:48
- यमगंड
- सुबह 11:10 – दोपहर 12:33
- गुलिक काल
- दोपहर 1:56 – दोपहर 3:18
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:05 – दोपहर 12:53
- अमृत काल
- सुबह 7:44 – सुबह 9:06
आज पुणे में
सोम, 23 दिसंबर 2030 को पुणे में सूर्योदय सुबह 7:02 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र अनुराधा, योग धृति और करण वणिज है। राहु काल सुबह 8:25 – सुबह 9:48 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुणे के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 24 दिसंबर 2030 | अमावस्या | ज्येष्ठा | दोपहर 3:19 – शाम 4:42 |
| बुध, 25 दिसंबर 2030 | प्रतिपदा | मूल | दोपहर 12:34 – दोपहर 1:57 |
| गुरु, 26 दिसंबर 2030 | द्वितीया | उत्तराषाढ़ा | दोपहर 1:57 – दोपहर 3:20 |
| शुक्र, 27 दिसंबर 2030 | तृतीया | श्रवण | सुबह 11:12 – दोपहर 12:35 |
| शनि, 28 दिसंबर 2030 | चतुर्थी | धनिष्ठा | सुबह 9:50 – सुबह 11:13 |
| रवि, 29 दिसंबर 2030 | पंचमी | शतभिषा | शाम 4:44 – शाम 6:07 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 23 दिसंबर 2030 को पुणे में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी है; सुबह 6:24 तक।
सोम, 23 दिसंबर 2030 को पुणे में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र अनुराधा है; दोपहर 12:20 तक।
सोम, 23 दिसंबर 2030 को पुणे में राहु काल कब है?
पुणे में राहु काल सुबह 8:25 – सुबह 9:48 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 23 दिसंबर 2030 को पुणे में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 7:02 और सूर्यास्त शाम 6:04 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।