दैनिक पंचांग
पुणे पंचांग, शुक्र, 26 जुलाई 2030
शुक्र, 26 जुलाई 2030 को पुणे में सूर्योदय सुबह 6:10 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र रोहिणी, योग वृद्धि और करण बालव है। राहु काल सुबह 11:03 – दोपहर 12:41 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:10
- सूर्यास्त
- रात 7:11
- तिथि
- एकादशी · सुबह 10:02 तक
- नक्षत्र
- रोहिणी · दोपहर 2:48 तक
- योग
- वृद्धि
- करण
- बालव
- वार
- शुक्रवार
- राहु काल
- सुबह 11:03 – दोपहर 12:41
- यमगंड
- दोपहर 3:56 – शाम 5:34
- गुलिक काल
- सुबह 7:47 – सुबह 9:25
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:08 – दोपहर 12:56
- अमृत काल
- दोपहर 1:29 – दोपहर 3:07
आज पुणे में
शुक्र, 26 जुलाई 2030 को पुणे में सूर्योदय सुबह 6:10 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र रोहिणी, योग वृद्धि और करण बालव है। राहु काल सुबह 11:03 – दोपहर 12:41 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुणे के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शनि, 27 जुलाई 2030 | द्वादशी | मृगशिरा | सुबह 9:25 – सुबह 11:03 |
| रवि, 28 जुलाई 2030 | त्रयोदशी | आर्द्रा | शाम 5:33 – रात 7:11 |
| सोम, 29 जुलाई 2030 | चतुर्दशी | पुनर्वसु | सुबह 7:48 – सुबह 9:26 |
| मंगल, 30 जुलाई 2030 | अमावस्या | पुष्य | दोपहर 3:55 – शाम 5:32 |
| बुध, 31 जुलाई 2030 | प्रतिपदा | आश्लेषा | दोपहर 12:40 – दोपहर 2:18 |
| गुरु, 1 अगस्त 2030 | द्वितीया | मघा | दोपहर 2:18 – दोपहर 3:55 |
सामान्य प्रश्न
शुक्र, 26 जुलाई 2030 को पुणे में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि एकादशी है; सुबह 10:02 तक।
शुक्र, 26 जुलाई 2030 को पुणे में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र रोहिणी है; दोपहर 2:48 तक।
शुक्र, 26 जुलाई 2030 को पुणे में राहु काल कब है?
पुणे में राहु काल सुबह 11:03 – दोपहर 12:41 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शुक्र, 26 जुलाई 2030 को पुणे में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:10 और सूर्यास्त रात 7:11 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।