दैनिक पंचांग
पुणे पंचांग, शनि, 18 मई 2030
शनि, 18 मई 2030 को पुणे में सूर्योदय तड़के 5:59 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र अनुराधा, योग वरीयान और करण कौलव है। राहु काल सुबह 9:15 – सुबह 10:53 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:59
- सूर्यास्त
- रात 7:02
- तिथि
- प्रतिपदा · दोपहर 1:01 तक
- नक्षत्र
- अनुराधा · दोपहर 3:26 तक
- योग
- वरीयान
- करण
- कौलव
- वार
- शनिवार
- राहु काल
- सुबह 9:15 – सुबह 10:53
- यमगंड
- दोपहर 2:08 – दोपहर 3:46
- गुलिक काल
- तड़के 5:59 – सुबह 7:37
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:58 – दोपहर 12:46
- अमृत काल
- दोपहर 2:57 – शाम 4:35
आज पुणे में
शनि, 18 मई 2030 को पुणे में सूर्योदय तड़के 5:59 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र अनुराधा, योग वरीयान और करण कौलव है। राहु काल सुबह 9:15 – सुबह 10:53 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुणे के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| रवि, 19 मई 2030 | द्वितीया | ज्येष्ठा | शाम 5:24 – रात 7:02 |
| सोम, 20 मई 2030 | तृतीया | मूल | सुबह 7:37 – सुबह 9:15 |
| मंगल, 21 मई 2030 | पंचमी | पूर्वाषाढ़ा | दोपहर 3:47 – शाम 5:25 |
| बुध, 22 मई 2030 | षष्ठी | उत्तराषाढ़ा | दोपहर 12:31 – दोपहर 2:09 |
| गुरु, 23 मई 2030 | सप्तमी | श्रवण | दोपहर 2:09 – दोपहर 3:47 |
| शुक्र, 24 मई 2030 | अष्टमी | धनिष्ठा | सुबह 10:53 – दोपहर 12:31 |
सामान्य प्रश्न
शनि, 18 मई 2030 को पुणे में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा है; दोपहर 1:01 तक।
शनि, 18 मई 2030 को पुणे में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र अनुराधा है; दोपहर 3:26 तक।
शनि, 18 मई 2030 को पुणे में राहु काल कब है?
पुणे में राहु काल सुबह 9:15 – सुबह 10:53 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शनि, 18 मई 2030 को पुणे में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:59 और सूर्यास्त रात 7:02 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।