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दैनिक पंचांग

पुणे पंचांग, मंगल, 21 मई 2030

मंगल, 21 मई 2030 को पुणे में सूर्योदय तड़के 5:59 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा, योग साध्य और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 3:47 – शाम 5:25 है।

सूर्योदय
तड़के 5:59
सूर्यास्त
रात 7:03
तिथि
पंचमी · रात 1:01 तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा · सुबह 8:20 तक
योग
साध्य
करण
कौलव
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 3:47 – शाम 5:25
यमगंड
सुबह 9:15 – सुबह 10:53
गुलिक काल
दोपहर 12:31 – दोपहर 2:09
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:58 – दोपहर 12:46
अमृत काल
सुबह 8:26 – सुबह 10:04

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आज पुणे में

मंगल, 21 मई 2030 को पुणे में सूर्योदय तड़के 5:59 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा, योग साध्य और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 3:47 – शाम 5:25 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुणे के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पुणे – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 22 मई 2030षष्ठीउत्तराषाढ़ादोपहर 12:31 – दोपहर 2:09
गुरु, 23 मई 2030सप्तमीश्रवणदोपहर 2:09 – दोपहर 3:47
शुक्र, 24 मई 2030अष्टमीधनिष्ठासुबह 10:53 – दोपहर 12:31
शनि, 25 मई 2030नवमीशतभिषासुबह 9:14 – सुबह 10:53
रवि, 26 मई 2030दशमीपूर्वा भाद्रपदशाम 5:26 – रात 7:05
सोम, 27 मई 2030एकादशीउत्तरा भाद्रपदसुबह 7:36 – सुबह 9:14

सामान्य प्रश्न

मंगल, 21 मई 2030 को पुणे में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि पंचमी है; रात 1:01 तक।

मंगल, 21 मई 2030 को पुणे में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा है; सुबह 8:20 तक।

मंगल, 21 मई 2030 को पुणे में राहु काल कब है?

पुणे में राहु काल दोपहर 3:47 – शाम 5:25 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 21 मई 2030 को पुणे में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:59 और सूर्यास्त रात 7:03 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।