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दैनिक पंचांग

पुदुच्चेरी पंचांग, गुरु, 17 सितंबर 2037

गुरु, 17 सितंबर 2037 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय सुबह 6:00 पर और सूर्यास्त शाम 6:10 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि नवमी है, जो तड़के 4:38 तक रहेगी, और नक्षत्र मूल है, जो शाम 5:50 तक रहेगा। योग प्रीति और करण बालव है। राहु काल दोपहर 1:36 – दोपहर 3:07 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।

सूर्योदय
सुबह 6:00
सूर्यास्त
शाम 6:10
तिथि
नवमी · तड़के 4:38 तक
नक्षत्र
मूल · शाम 5:50 तक
योग
प्रीति
करण
बालव
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 1:36 – दोपहर 3:07
यमगंड
सुबह 6:00 – सुबह 7:31
गुलिक काल
सुबह 9:02 – सुबह 10:33
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:34 – दोपहर 12:22
अमृत काल
सुबह 11:19 – दोपहर 12:50

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आज पुदुच्चेरी में

गुरु, 17 सितंबर 2037 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय सुबह 6:00 पर और सूर्यास्त शाम 6:10 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि नवमी है, जो तड़के 4:38 तक रहेगी, और नक्षत्र मूल है, जो शाम 5:50 तक रहेगा। योग प्रीति और करण बालव है। राहु काल दोपहर 1:36 – दोपहर 3:07 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुदुच्चेरी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पुदुच्चेरी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 18 सितंबर 2037दशमीपूर्वाषाढ़ासुबह 10:33 – दोपहर 12:04
शनि, 19 सितंबर 2037दशमीउत्तराषाढ़ासुबह 9:02 – सुबह 10:33
रवि, 20 सितंबर 2037एकादशीश्रवणशाम 4:37 – शाम 6:08
सोम, 21 सितंबर 2037द्वादशीधनिष्ठासुबह 7:30 – सुबह 9:01
मंगल, 22 सितंबर 2037त्रयोदशीशतभिषादोपहर 3:05 – शाम 4:35
बुध, 23 सितंबर 2037चतुर्दशीशतभिषादोपहर 12:03 – दोपहर 1:33

सामान्य प्रश्न

गुरु, 17 सितंबर 2037 को पुदुच्चेरी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि नवमी है; तड़के 4:38 तक।

गुरु, 17 सितंबर 2037 को पुदुच्चेरी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र मूल है; शाम 5:50 तक।

गुरु, 17 सितंबर 2037 को पुदुच्चेरी में राहु काल कब है?

पुदुच्चेरी में राहु काल दोपहर 1:36 – दोपहर 3:07 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 17 सितंबर 2037 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:00 और सूर्यास्त शाम 6:10 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।