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दैनिक पंचांग

पुदुच्चेरी पंचांग, शनि, 12 अगस्त 2034

शनि, 12 अगस्त 2034 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय तड़के 5:59 पर और सूर्यास्त शाम 6:32 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि त्रयोदशी है, जो दोपहर 12:10 तक रहेगी, और नक्षत्र पुनर्वसु है, जो दोपहर 3:38 तक रहेगा। योग वज्र और करण वणिज है। राहु काल सुबह 9:07 – सुबह 10:41 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।

सूर्योदय
तड़के 5:59
सूर्यास्त
शाम 6:32
तिथि
त्रयोदशी · दोपहर 12:10 तक
नक्षत्र
पुनर्वसु · दोपहर 3:38 तक
योग
वज्र
करण
वणिज
वार
शनिवार
राहु काल
सुबह 9:07 – सुबह 10:41
यमगंड
दोपहर 1:49 – दोपहर 3:23
गुलिक काल
तड़के 5:59 – सुबह 7:33
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:44 – दोपहर 12:32
अमृत काल
दोपहर 2:36 – शाम 4:11

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आज पुदुच्चेरी में

शनि, 12 अगस्त 2034 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय तड़के 5:59 पर और सूर्यास्त शाम 6:32 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि त्रयोदशी है, जो दोपहर 12:10 तक रहेगी, और नक्षत्र पुनर्वसु है, जो दोपहर 3:38 तक रहेगा। योग वज्र और करण वणिज है। राहु काल सुबह 9:07 – सुबह 10:41 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुदुच्चेरी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पुदुच्चेरी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
रवि, 13 अगस्त 2034चतुर्दशीपुष्यशाम 4:57 – शाम 6:31
सोम, 14 अगस्त 2034अमावस्याआश्लेषासुबह 7:33 – सुबह 9:07
मंगल, 15 अगस्त 2034प्रतिपदामघादोपहर 3:23 – शाम 4:56
बुध, 16 अगस्त 2034द्वितीयापूर्वा फाल्गुनीदोपहर 12:15 – दोपहर 1:48
गुरु, 17 अगस्त 2034तृतीयाउत्तरा फाल्गुनीदोपहर 1:48 – दोपहर 3:22
शुक्र, 18 अगस्त 2034चतुर्थीहस्तसुबह 10:40 – दोपहर 12:14

सामान्य प्रश्न

शनि, 12 अगस्त 2034 को पुदुच्चेरी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी है; दोपहर 12:10 तक।

शनि, 12 अगस्त 2034 को पुदुच्चेरी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पुनर्वसु है; दोपहर 3:38 तक।

शनि, 12 अगस्त 2034 को पुदुच्चेरी में राहु काल कब है?

पुदुच्चेरी में राहु काल सुबह 9:07 – सुबह 10:41 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शनि, 12 अगस्त 2034 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:59 और सूर्यास्त शाम 6:32 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।