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दैनिक पंचांग

पुदुच्चेरी पंचांग, रवि, 11 दिसंबर 2033

रवि, 11 दिसंबर 2033 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय सुबह 6:20 पर और सूर्यास्त शाम 5:47 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि षष्ठी है, जो सुबह 6:16 तक रहेगी, और नक्षत्र आश्लेषा है, जो दोपहर 3:01 तक रहेगा। योग इन्द्र और करण गर है। राहु काल शाम 4:21 – शाम 5:47 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।

सूर्योदय
सुबह 6:20
सूर्यास्त
शाम 5:47
तिथि
षष्ठी · सुबह 6:16 तक
नक्षत्र
आश्लेषा · दोपहर 3:01 तक
योग
इन्द्र
करण
गर
वार
रविवार
राहु काल
शाम 4:21 – शाम 5:47
यमगंड
दोपहर 12:03 – दोपहर 1:29
गुलिक काल
दोपहर 2:55 – शाम 4:21
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:35 – दोपहर 12:23
अमृत काल
दोपहर 12:46 – दोपहर 2:12

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आज पुदुच्चेरी में

रवि, 11 दिसंबर 2033 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय सुबह 6:20 पर और सूर्यास्त शाम 5:47 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि षष्ठी है, जो सुबह 6:16 तक रहेगी, और नक्षत्र आश्लेषा है, जो दोपहर 3:01 तक रहेगा। योग इन्द्र और करण गर है। राहु काल शाम 4:21 – शाम 5:47 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुदुच्चेरी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पुदुच्चेरी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
सोम, 12 दिसंबर 2033षष्ठीमघासुबह 7:47 – सुबह 9:12
मंगल, 13 दिसंबर 2033सप्तमीपूर्वा फाल्गुनीदोपहर 2:56 – शाम 4:22
बुध, 14 दिसंबर 2033अष्टमीउत्तरा फाल्गुनीदोपहर 12:05 – दोपहर 1:31
गुरु, 15 दिसंबर 2033नवमीहस्तदोपहर 1:31 – दोपहर 2:57
शुक्र, 16 दिसंबर 2033दशमीचित्रासुबह 10:40 – दोपहर 12:06
शनि, 17 दिसंबर 2033एकादशीस्वातीसुबह 9:15 – सुबह 10:41

सामान्य प्रश्न

रवि, 11 दिसंबर 2033 को पुदुच्चेरी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि षष्ठी है; सुबह 6:16 तक।

रवि, 11 दिसंबर 2033 को पुदुच्चेरी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र आश्लेषा है; दोपहर 3:01 तक।

रवि, 11 दिसंबर 2033 को पुदुच्चेरी में राहु काल कब है?

पुदुच्चेरी में राहु काल शाम 4:21 – शाम 5:47 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

रवि, 11 दिसंबर 2033 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:20 और सूर्यास्त शाम 5:47 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।