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दैनिक पंचांग

पुदुच्चेरी पंचांग, रवि, 2 अक्टूबर 2033

रवि, 2 अक्टूबर 2033 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय तड़के 5:59 पर और सूर्यास्त शाम 6:00 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि अष्टमी है, जो सुबह 10:00 तक रहेगी, और नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा है, जो रात 8:21 तक रहेगा। योग सौभाग्य और करण बव है। राहु काल शाम 4:30 – शाम 6:00 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।

सूर्योदय
तड़के 5:59
सूर्यास्त
शाम 6:00
तिथि
अष्टमी · सुबह 10:00 तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा · रात 8:21 तक
योग
सौभाग्य
करण
बव
वार
रविवार
राहु काल
शाम 4:30 – शाम 6:00
यमगंड
दोपहर 12:00 – दोपहर 1:30
गुलिक काल
दोपहर 3:00 – शाम 4:30
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:29 – दोपहर 12:17
अमृत काल
दोपहर 12:45 – दोपहर 2:15

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आज पुदुच्चेरी में

रवि, 2 अक्टूबर 2033 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय तड़के 5:59 पर और सूर्यास्त शाम 6:00 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि अष्टमी है, जो सुबह 10:00 तक रहेगी, और नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा है, जो रात 8:21 तक रहेगा। योग सौभाग्य और करण बव है। राहु काल शाम 4:30 – शाम 6:00 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुदुच्चेरी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पुदुच्चेरी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
सोम, 3 अक्टूबर 2033नवमीउत्तराषाढ़ासुबह 7:29 – सुबह 8:59
मंगल, 4 अक्टूबर 2033दशमीश्रवणदोपहर 2:59 – शाम 4:29
बुध, 5 अक्टूबर 2033एकादशीधनिष्ठासुबह 11:59 – दोपहर 1:28
गुरु, 6 अक्टूबर 2033त्रयोदशीशतभिषादोपहर 1:28 – दोपहर 2:58
शुक्र, 7 अक्टूबर 2033चतुर्दशीपूर्वा भाद्रपदसुबह 10:28 – सुबह 11:58
शनि, 8 अक्टूबर 2033पूर्णिमाउत्तरा भाद्रपदसुबह 8:59 – सुबह 10:28

सामान्य प्रश्न

रवि, 2 अक्टूबर 2033 को पुदुच्चेरी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि अष्टमी है; सुबह 10:00 तक।

रवि, 2 अक्टूबर 2033 को पुदुच्चेरी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा है; रात 8:21 तक।

रवि, 2 अक्टूबर 2033 को पुदुच्चेरी में राहु काल कब है?

पुदुच्चेरी में राहु काल शाम 4:30 – शाम 6:00 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

रवि, 2 अक्टूबर 2033 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:59 और सूर्यास्त शाम 6:00 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।