दैनिक पंचांग
पुदुच्चेरी पंचांग, गुरु, 15 सितंबर 2033
गुरु, 15 सितंबर 2033 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय सुबह 6:00 पर और सूर्यास्त शाम 6:11 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि सप्तमी है, जो सुबह 11:38 तक रहेगी, और नक्षत्र रोहिणी है, जो दोपहर 1:16 तक रहेगा। योग हर्षण और करण बव है। राहु काल दोपहर 1:37 – दोपहर 3:08 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:00
- सूर्यास्त
- शाम 6:11
- तिथि
- सप्तमी · सुबह 11:38 तक
- नक्षत्र
- रोहिणी · दोपहर 1:16 तक
- योग
- हर्षण
- करण
- बव
- वार
- गुरुवार
- राहु काल
- दोपहर 1:37 – दोपहर 3:08
- यमगंड
- सुबह 6:00 – सुबह 7:31
- गुलिक काल
- सुबह 9:02 – सुबह 10:34
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:35 – दोपहर 12:23
- अमृत काल
- सुबह 11:20 – दोपहर 12:51
आज पुदुच्चेरी में
गुरु, 15 सितंबर 2033 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय सुबह 6:00 पर और सूर्यास्त शाम 6:11 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि सप्तमी है, जो सुबह 11:38 तक रहेगी, और नक्षत्र रोहिणी है, जो दोपहर 1:16 तक रहेगा। योग हर्षण और करण बव है। राहु काल दोपहर 1:37 – दोपहर 3:08 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुदुच्चेरी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शुक्र, 16 सितंबर 2033 | अष्टमी | मृगशिरा | सुबह 10:34 – दोपहर 12:05 |
| शनि, 17 सितंबर 2033 | नवमी | आर्द्रा | सुबह 9:02 – सुबह 10:33 |
| रवि, 18 सितंबर 2033 | दशमी | पुनर्वसु | शाम 4:38 – शाम 6:09 |
| सोम, 19 सितंबर 2033 | एकादशी | पुष्य | सुबह 7:31 – सुबह 9:02 |
| मंगल, 20 सितंबर 2033 | द्वादशी | आश्लेषा | दोपहर 3:06 – शाम 4:37 |
| बुध, 21 सितंबर 2033 | त्रयोदशी | मघा | दोपहर 12:03 – दोपहर 1:34 |
सामान्य प्रश्न
गुरु, 15 सितंबर 2033 को पुदुच्चेरी में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि सप्तमी है; सुबह 11:38 तक।
गुरु, 15 सितंबर 2033 को पुदुच्चेरी में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र रोहिणी है; दोपहर 1:16 तक।
गुरु, 15 सितंबर 2033 को पुदुच्चेरी में राहु काल कब है?
पुदुच्चेरी में राहु काल दोपहर 1:37 – दोपहर 3:08 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
गुरु, 15 सितंबर 2033 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:00 और सूर्यास्त शाम 6:11 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।