दैनिक पंचांग
पुदुच्चेरी पंचांग, रवि, 19 सितंबर 2032
रवि, 19 सितंबर 2032 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय तड़के 5:59 पर और सूर्यास्त शाम 6:08 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा है, जो दोपहर 3:00 तक रहेगी, और नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद है, जो शाम 4:01 तक रहेगा। योग धृति और करण बव है। राहु काल शाम 4:37 – शाम 6:08 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:59
- सूर्यास्त
- शाम 6:08
- तिथि
- पूर्णिमा · दोपहर 3:00 तक
- नक्षत्र
- पूर्वा भाद्रपद · शाम 4:01 तक
- योग
- धृति
- करण
- बव
- वार
- रविवार
- राहु काल
- शाम 4:37 – शाम 6:08
- यमगंड
- दोपहर 12:04 – दोपहर 1:35
- गुलिक काल
- दोपहर 3:06 – शाम 4:37
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:33 – दोपहर 12:21
- अमृत काल
- दोपहर 12:49 – दोपहर 2:20
आज पुदुच्चेरी में
रवि, 19 सितंबर 2032 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय तड़के 5:59 पर और सूर्यास्त शाम 6:08 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा है, जो दोपहर 3:00 तक रहेगी, और नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद है, जो शाम 4:01 तक रहेगा। योग धृति और करण बव है। राहु काल शाम 4:37 – शाम 6:08 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुदुच्चेरी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| सोम, 20 सितंबर 2032 | प्रतिपदा | उत्तरा भाद्रपद | सुबह 7:30 – सुबह 9:01 |
| मंगल, 21 सितंबर 2032 | द्वितीया | रेवती | दोपहर 3:05 – शाम 4:36 |
| बुध, 22 सितंबर 2032 | तृतीया | अश्विनी | दोपहर 12:03 – दोपहर 1:34 |
| गुरु, 23 सितंबर 2032 | पंचमी | भरणी | दोपहर 1:33 – दोपहर 3:04 |
| शुक्र, 24 सितंबर 2032 | षष्ठी | कृत्तिका | सुबह 10:31 – दोपहर 12:02 |
| शनि, 25 सितंबर 2032 | सप्तमी | रोहिणी | सुबह 9:01 – सुबह 10:31 |
सामान्य प्रश्न
रवि, 19 सितंबर 2032 को पुदुच्चेरी में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा है; दोपहर 3:00 तक।
रवि, 19 सितंबर 2032 को पुदुच्चेरी में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद है; शाम 4:01 तक।
रवि, 19 सितंबर 2032 को पुदुच्चेरी में राहु काल कब है?
पुदुच्चेरी में राहु काल शाम 4:37 – शाम 6:08 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
रवि, 19 सितंबर 2032 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:59 और सूर्यास्त शाम 6:08 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।