दैनिक पंचांग
पुदुच्चेरी पंचांग, मंगल, 11 दिसंबर 2029
मंगल, 11 दिसंबर 2029 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय सुबह 6:20 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र धनिष्ठा, योग व्याघात और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 2:55 – शाम 4:21 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:20
- सूर्यास्त
- शाम 5:47
- तिथि
- षष्ठी · सुबह 9:51 तक
- नक्षत्र
- धनिष्ठा · सुबह 8:59 तक
- योग
- व्याघात
- करण
- तैतिल
- वार
- मंगलवार
- राहु काल
- दोपहर 2:55 – शाम 4:21
- यमगंड
- सुबह 9:12 – सुबह 10:38
- गुलिक काल
- दोपहर 12:04 – दोपहर 1:29
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:35 – दोपहर 12:23
- अमृत काल
- सुबह 8:29 – सुबह 9:55
आज पुदुच्चेरी में
मंगल, 11 दिसंबर 2029 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय सुबह 6:20 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र धनिष्ठा, योग व्याघात और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 2:55 – शाम 4:21 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुदुच्चेरी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| बुध, 12 दिसंबर 2029 | सप्तमी | शतभिषा | दोपहर 12:04 – दोपहर 1:30 |
| गुरु, 13 दिसंबर 2029 | अष्टमी | पूर्वा भाद्रपद | दोपहर 1:30 – दोपहर 2:56 |
| शुक्र, 14 दिसंबर 2029 | नवमी | उत्तरा भाद्रपद | सुबह 10:39 – दोपहर 12:05 |
| शनि, 15 दिसंबर 2029 | दशमी | रेवती | सुबह 9:14 – सुबह 10:40 |
| रवि, 16 दिसंबर 2029 | एकादशी | अश्विनी | शाम 4:23 – शाम 5:49 |
| सोम, 17 दिसंबर 2029 | द्वादशी | भरणी | सुबह 7:49 – सुबह 9:15 |
सामान्य प्रश्न
मंगल, 11 दिसंबर 2029 को पुदुच्चेरी में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि षष्ठी है; सुबह 9:51 तक।
मंगल, 11 दिसंबर 2029 को पुदुच्चेरी में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र धनिष्ठा है; सुबह 8:59 तक।
मंगल, 11 दिसंबर 2029 को पुदुच्चेरी में राहु काल कब है?
पुदुच्चेरी में राहु काल दोपहर 2:55 – शाम 4:21 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
मंगल, 11 दिसंबर 2029 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:20 और सूर्यास्त शाम 5:47 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।