दैनिक पंचांग
पुदुच्चेरी पंचांग, शुक्र, 14 दिसंबर 2029
शुक्र, 14 दिसंबर 2029 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय सुबह 6:22 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद, योग सिद्धि और करण कौलव है। राहु काल सुबह 10:39 – दोपहर 12:05 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:22
- सूर्यास्त
- शाम 5:48
- तिथि
- नवमी · दोपहर 2:14 तक
- नक्षत्र
- उत्तरा भाद्रपद · दोपहर 2:49 तक
- योग
- सिद्धि
- करण
- कौलव
- वार
- शुक्रवार
- राहु काल
- सुबह 10:39 – दोपहर 12:05
- यमगंड
- दोपहर 2:56 – शाम 4:22
- गुलिक काल
- सुबह 7:48 – सुबह 9:13
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:36 – दोपहर 12:24
- अमृत काल
- दोपहर 12:48 – दोपहर 2:14
आज पुदुच्चेरी में
शुक्र, 14 दिसंबर 2029 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय सुबह 6:22 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद, योग सिद्धि और करण कौलव है। राहु काल सुबह 10:39 – दोपहर 12:05 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुदुच्चेरी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शनि, 15 दिसंबर 2029 | दशमी | रेवती | सुबह 9:14 – सुबह 10:40 |
| रवि, 16 दिसंबर 2029 | एकादशी | अश्विनी | शाम 4:23 – शाम 5:49 |
| सोम, 17 दिसंबर 2029 | द्वादशी | भरणी | सुबह 7:49 – सुबह 9:15 |
| मंगल, 18 दिसंबर 2029 | त्रयोदशी | कृत्तिका | दोपहर 2:58 – शाम 4:24 |
| बुध, 19 दिसंबर 2029 | चतुर्दशी | रोहिणी | दोपहर 12:07 – दोपहर 1:33 |
| गुरु, 20 दिसंबर 2029 | पूर्णिमा | मृगशिरा | दोपहर 1:34 – दोपहर 2:59 |
सामान्य प्रश्न
शुक्र, 14 दिसंबर 2029 को पुदुच्चेरी में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि नवमी है; दोपहर 2:14 तक।
शुक्र, 14 दिसंबर 2029 को पुदुच्चेरी में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद है; दोपहर 2:49 तक।
शुक्र, 14 दिसंबर 2029 को पुदुच्चेरी में राहु काल कब है?
पुदुच्चेरी में राहु काल सुबह 10:39 – दोपहर 12:05 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शुक्र, 14 दिसंबर 2029 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:22 और सूर्यास्त शाम 5:48 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।