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दैनिक पंचांग

पुदुच्चेरी पंचांग, शुक्र, 2 नवंबर 2029

शुक्र, 2 नवंबर 2029 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय सुबह 6:03 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी, योग शुक्ल और करण बव है। राहु काल सुबह 10:26 – सुबह 11:54 है।

सूर्योदय
सुबह 6:03
सूर्यास्त
शाम 5:44
तिथि
एकादशी · रात 11:59 तक
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी · रात 9:12 तक
योग
शुक्ल
करण
बव
वार
शुक्रवार
राहु काल
सुबह 10:26 – सुबह 11:54
यमगंड
दोपहर 2:49 – शाम 4:17
गुलिक काल
सुबह 7:31 – सुबह 8:58
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:25 – दोपहर 12:13
अमृत काल
दोपहर 12:38 – दोपहर 2:05

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आज पुदुच्चेरी में

शुक्र, 2 नवंबर 2029 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय सुबह 6:03 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी, योग शुक्ल और करण बव है। राहु काल सुबह 10:26 – सुबह 11:54 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुदुच्चेरी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पुदुच्चेरी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शनि, 3 नवंबर 2029द्वादशीउत्तरा फाल्गुनीसुबह 8:59 – सुबह 10:26
रवि, 4 नवंबर 2029त्रयोदशीहस्तशाम 4:16 – शाम 5:44
सोम, 5 नवंबर 2029चतुर्दशीचित्रासुबह 7:31 – सुबह 8:59
मंगल, 6 नवंबर 2029अमावस्यास्वातीदोपहर 2:49 – शाम 4:16
बुध, 7 नवंबर 2029प्रतिपदाविशाखासुबह 11:54 – दोपहर 1:21
गुरु, 8 नवंबर 2029तृतीयाज्येष्ठादोपहर 1:21 – दोपहर 2:48

सामान्य प्रश्न

शुक्र, 2 नवंबर 2029 को पुदुच्चेरी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि एकादशी है; रात 11:59 तक।

शुक्र, 2 नवंबर 2029 को पुदुच्चेरी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी है; रात 9:12 तक।

शुक्र, 2 नवंबर 2029 को पुदुच्चेरी में राहु काल कब है?

पुदुच्चेरी में राहु काल सुबह 10:26 – सुबह 11:54 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शुक्र, 2 नवंबर 2029 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:03 और सूर्यास्त शाम 5:44 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।