दैनिक पंचांग
पुदुच्चेरी पंचांग, सोम, 5 नवंबर 2029
सोम, 5 नवंबर 2029 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय सुबह 6:04 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र चित्रा, योग विष्कम्भ और करण शकुनि है। राहु काल सुबह 7:31 – सुबह 8:59 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:04
- सूर्यास्त
- शाम 5:44
- तिथि
- चतुर्दशी · दोपहर 1:45 तक
- नक्षत्र
- चित्रा · दोपहर 1:20 तक
- योग
- विष्कम्भ
- करण
- शकुनि
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 7:31 – सुबह 8:59
- यमगंड
- सुबह 10:26 – सुबह 11:54
- गुलिक काल
- दोपहर 1:21 – दोपहर 2:49
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:25 – दोपहर 12:13
- अमृत काल
- सुबह 6:48 – सुबह 8:15
आज पुदुच्चेरी में
सोम, 5 नवंबर 2029 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय सुबह 6:04 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र चित्रा, योग विष्कम्भ और करण शकुनि है। राहु काल सुबह 7:31 – सुबह 8:59 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुदुच्चेरी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 6 नवंबर 2029 | अमावस्या | स्वाती | दोपहर 2:49 – शाम 4:16 |
| बुध, 7 नवंबर 2029 | प्रतिपदा | विशाखा | सुबह 11:54 – दोपहर 1:21 |
| गुरु, 8 नवंबर 2029 | तृतीया | ज्येष्ठा | दोपहर 1:21 – दोपहर 2:48 |
| शुक्र, 9 नवंबर 2029 | चतुर्थी | मूल | सुबह 10:27 – सुबह 11:54 |
| शनि, 10 नवंबर 2029 | पंचमी | पूर्वाषाढ़ा | सुबह 9:00 – सुबह 10:27 |
| रवि, 11 नवंबर 2029 | षष्ठी | उत्तराषाढ़ा | शाम 4:15 – शाम 5:43 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 5 नवंबर 2029 को पुदुच्चेरी में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी है; दोपहर 1:45 तक।
सोम, 5 नवंबर 2029 को पुदुच्चेरी में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र चित्रा है; दोपहर 1:20 तक।
सोम, 5 नवंबर 2029 को पुदुच्चेरी में राहु काल कब है?
पुदुच्चेरी में राहु काल सुबह 7:31 – सुबह 8:59 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 5 नवंबर 2029 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:04 और सूर्यास्त शाम 5:44 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।