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दैनिक पंचांग

पटना पंचांग, गुरु, 1 मई 2031

गुरु, 1 मई 2031 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:13 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र आश्लेषा, योग गण्ड और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 1:25 – दोपहर 3:03 है।

सूर्योदय
तड़के 5:13
सूर्यास्त
शाम 6:20
तिथि
नवमी · दोपहर 3:12 तक
नक्षत्र
आश्लेषा · सुबह 6:23 तक
योग
गण्ड
करण
कौलव
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 1:25 – दोपहर 3:03
यमगंड
तड़के 5:13 – सुबह 6:51
गुलिक काल
सुबह 8:30 – सुबह 10:08
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:13 – दोपहर 12:01
अमृत काल
सुबह 10:57 – दोपहर 12:35

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आज पटना में

गुरु, 1 मई 2031 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:13 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र आश्लेषा, योग गण्ड और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 1:25 – दोपहर 3:03 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पटना – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 2 मई 2031दशमीमघासुबह 10:08 – सुबह 11:46
शनि, 3 मई 2031एकादशीपूर्वा फाल्गुनीसुबह 8:29 – सुबह 10:07
रवि, 4 मई 2031द्वादशीउत्तरा फाल्गुनीशाम 4:42 – शाम 6:21
सोम, 5 मई 2031त्रयोदशीहस्तसुबह 6:49 – सुबह 8:28
मंगल, 6 मई 2031चतुर्दशीचित्रादोपहर 3:04 – शाम 4:43
बुध, 7 मई 2031पूर्णिमास्वातीसुबह 11:46 – दोपहर 1:25

सामान्य प्रश्न

गुरु, 1 मई 2031 को पटना में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि नवमी है; दोपहर 3:12 तक।

गुरु, 1 मई 2031 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र आश्लेषा है; सुबह 6:23 तक।

गुरु, 1 मई 2031 को पटना में राहु काल कब है?

पटना में राहु काल दोपहर 1:25 – दोपहर 3:03 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 1 मई 2031 को पटना में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:13 और सूर्यास्त शाम 6:20 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।