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दैनिक पंचांग

पटना पंचांग, बुध, 7 मई 2031

बुध, 7 मई 2031 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:09 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र स्वाती, योग सिद्धि और करण बव है। राहु काल सुबह 11:46 – दोपहर 1:25 है।

सूर्योदय
तड़के 5:09
सूर्यास्त
शाम 6:23
तिथि
पूर्णिमा · सुबह 9:10 तक
नक्षत्र
स्वाती · तड़के 5:39 तक
योग
सिद्धि
करण
बव
वार
बुधवार
राहु काल
सुबह 11:46 – दोपहर 1:25
यमगंड
सुबह 6:48 – सुबह 8:27
गुलिक काल
सुबह 10:06 – सुबह 11:46
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:13 – दोपहर 12:01
अमृत काल
सुबह 9:17 – सुबह 10:56

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आज पटना में

बुध, 7 मई 2031 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:09 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र स्वाती, योग सिद्धि और करण बव है। राहु काल सुबह 11:46 – दोपहर 1:25 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पटना – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 8 मई 2031प्रतिपदाअनुराधादोपहर 1:25 – दोपहर 3:04
शुक्र, 9 मई 2031तृतीयाज्येष्ठासुबह 10:06 – सुबह 11:46
शनि, 10 मई 2031चतुर्थीमूलसुबह 8:26 – सुबह 10:06
रवि, 11 मई 2031पंचमीपूर्वाषाढ़ाशाम 4:45 – शाम 6:25
सोम, 12 मई 2031षष्ठीउत्तराषाढ़ासुबह 6:46 – सुबह 8:26
मंगल, 13 मई 2031सप्तमीश्रवणदोपहर 3:06 – शाम 4:46

सामान्य प्रश्न

बुध, 7 मई 2031 को पटना में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा है; सुबह 9:10 तक।

बुध, 7 मई 2031 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र स्वाती है; तड़के 5:39 तक।

बुध, 7 मई 2031 को पटना में राहु काल कब है?

पटना में राहु काल सुबह 11:46 – दोपहर 1:25 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 7 मई 2031 को पटना में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:09 और सूर्यास्त शाम 6:23 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।