दैनिक पंचांग
पटना पंचांग, सोम, 24 फ़रवरी 2031
सोम, 24 फ़रवरी 2031 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:17 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद, योग सिद्ध और करण गर है। राहु काल सुबह 7:43 – सुबह 9:10 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:17
- सूर्यास्त
- शाम 5:48
- तिथि
- तृतीया · शाम 4:27 तक
- नक्षत्र
- उत्तरा भाद्रपद · दोपहर 3:14 तक
- योग
- सिद्ध
- करण
- गर
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 7:43 – सुबह 9:10
- यमगंड
- सुबह 10:36 – दोपहर 12:02
- गुलिक काल
- दोपहर 1:29 – दोपहर 2:55
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:34 – दोपहर 12:22
- अमृत काल
- सुबह 7:00 – सुबह 8:27
आज पटना में
सोम, 24 फ़रवरी 2031 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:17 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद, योग सिद्ध और करण गर है। राहु काल सुबह 7:43 – सुबह 9:10 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 25 फ़रवरी 2031 | चतुर्थी | रेवती | दोपहर 2:55 – शाम 4:22 |
| बुध, 26 फ़रवरी 2031 | पंचमी | अश्विनी | दोपहर 12:02 – दोपहर 1:29 |
| गुरु, 27 फ़रवरी 2031 | षष्ठी | भरणी | दोपहर 1:29 – दोपहर 2:56 |
| शुक्र, 28 फ़रवरी 2031 | सप्तमी | कृत्तिका | सुबह 10:35 – दोपहर 12:02 |
| शनि, 1 मार्च 2031 | अष्टमी | रोहिणी | सुबह 9:07 – सुबह 10:34 |
| रवि, 2 मार्च 2031 | नवमी | मृगशिरा | शाम 4:24 – शाम 5:51 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 24 फ़रवरी 2031 को पटना में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि तृतीया है; शाम 4:27 तक।
सोम, 24 फ़रवरी 2031 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद है; दोपहर 3:14 तक।
सोम, 24 फ़रवरी 2031 को पटना में राहु काल कब है?
पटना में राहु काल सुबह 7:43 – सुबह 9:10 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 24 फ़रवरी 2031 को पटना में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:17 और सूर्यास्त शाम 5:48 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।