दैनिक पंचांग
पटना पंचांग, गुरु, 27 फ़रवरी 2031
गुरु, 27 फ़रवरी 2031 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:14 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र भरणी, योग ब्रह्म और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 1:29 – दोपहर 2:56 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:14
- सूर्यास्त
- शाम 5:49
- तिथि
- षष्ठी · शाम 6:16 तक
- नक्षत्र
- भरणी · शाम 6:44 तक
- योग
- ब्रह्म
- करण
- तैतिल
- वार
- गुरुवार
- राहु काल
- दोपहर 1:29 – दोपहर 2:56
- यमगंड
- सुबह 6:14 – सुबह 7:41
- गुलिक काल
- सुबह 9:08 – सुबह 10:35
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:33 – दोपहर 12:21
- अमृत काल
- सुबह 11:18 – दोपहर 12:45
आज पटना में
गुरु, 27 फ़रवरी 2031 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:14 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र भरणी, योग ब्रह्म और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 1:29 – दोपहर 2:56 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शुक्र, 28 फ़रवरी 2031 | सप्तमी | कृत्तिका | सुबह 10:35 – दोपहर 12:02 |
| शनि, 1 मार्च 2031 | अष्टमी | रोहिणी | सुबह 9:07 – सुबह 10:34 |
| रवि, 2 मार्च 2031 | नवमी | मृगशिरा | शाम 4:24 – शाम 5:51 |
| सोम, 3 मार्च 2031 | दशमी | आर्द्रा | सुबह 7:38 – सुबह 9:06 |
| मंगल, 4 मार्च 2031 | एकादशी | आर्द्रा | दोपहर 2:56 – शाम 4:24 |
| बुध, 5 मार्च 2031 | एकादशी | पुनर्वसु | दोपहर 12:01 – दोपहर 1:29 |
सामान्य प्रश्न
गुरु, 27 फ़रवरी 2031 को पटना में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि षष्ठी है; शाम 6:16 तक।
गुरु, 27 फ़रवरी 2031 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र भरणी है; शाम 6:44 तक।
गुरु, 27 फ़रवरी 2031 को पटना में राहु काल कब है?
पटना में राहु काल दोपहर 1:29 – दोपहर 2:56 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
गुरु, 27 फ़रवरी 2031 को पटना में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:14 और सूर्यास्त शाम 5:49 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।