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दैनिक पंचांग

पटना पंचांग, सोम, 4 मार्च 2030

सोम, 4 मार्च 2030 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:10 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अमावस्या, नक्षत्र शतभिषा, योग शिव और करण नाग है। राहु काल सुबह 7:37 – सुबह 9:05 है।

सूर्योदय
सुबह 6:10
सूर्यास्त
शाम 5:52
तिथि
अमावस्या · दोपहर 12:04 तक
नक्षत्र
शतभिषा · दोपहर 1:06 तक
योग
शिव
करण
नाग
वार
सोमवार
राहु काल
सुबह 7:37 – सुबह 9:05
यमगंड
सुबह 10:33 – दोपहर 12:01
गुलिक काल
दोपहर 1:29 – दोपहर 2:57
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:32 – दोपहर 12:20
अमृत काल
सुबह 6:53 – सुबह 8:21

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आज पटना में

सोम, 4 मार्च 2030 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:10 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अमावस्या, नक्षत्र शतभिषा, योग शिव और करण नाग है। राहु काल सुबह 7:37 – सुबह 9:05 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पटना – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
मंगल, 5 मार्च 2030प्रतिपदापूर्वा भाद्रपददोपहर 2:57 – शाम 4:25
बुध, 6 मार्च 2030द्वितीयाउत्तरा भाद्रपददोपहर 12:00 – दोपहर 1:29
गुरु, 7 मार्च 2030तृतीयारेवतीदोपहर 1:29 – दोपहर 2:57
शुक्र, 8 मार्च 2030चतुर्थीअश्विनीसुबह 10:31 – दोपहर 12:00
शनि, 9 मार्च 2030पंचमीभरणीसुबह 9:02 – सुबह 10:31
रवि, 10 मार्च 2030षष्ठीकृत्तिकाशाम 4:26 – शाम 5:55

सामान्य प्रश्न

सोम, 4 मार्च 2030 को पटना में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि अमावस्या है; दोपहर 12:04 तक।

सोम, 4 मार्च 2030 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र शतभिषा है; दोपहर 1:06 तक।

सोम, 4 मार्च 2030 को पटना में राहु काल कब है?

पटना में राहु काल सुबह 7:37 – सुबह 9:05 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

सोम, 4 मार्च 2030 को पटना में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:10 और सूर्यास्त शाम 5:52 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।