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दैनिक पंचांग

पटना पंचांग, मंगल, 5 मार्च 2030

मंगल, 5 मार्च 2030 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:09 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग सिद्ध और करण बव है। राहु काल दोपहर 2:57 – शाम 4:25 है।

सूर्योदय
सुबह 6:09
सूर्यास्त
शाम 5:53
तिथि
प्रतिपदा · दोपहर 12:36 तक
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद · दोपहर 2:15 तक
योग
सिद्ध
करण
बव
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 2:57 – शाम 4:25
यमगंड
सुबह 9:05 – सुबह 10:33
गुलिक काल
दोपहर 12:01 – दोपहर 1:29
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:31 – दोपहर 12:19
अमृत काल
सुबह 8:21 – सुबह 9:49

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आज पटना में

मंगल, 5 मार्च 2030 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:09 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग सिद्ध और करण बव है। राहु काल दोपहर 2:57 – शाम 4:25 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पटना – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 6 मार्च 2030द्वितीयाउत्तरा भाद्रपददोपहर 12:00 – दोपहर 1:29
गुरु, 7 मार्च 2030तृतीयारेवतीदोपहर 1:29 – दोपहर 2:57
शुक्र, 8 मार्च 2030चतुर्थीअश्विनीसुबह 10:31 – दोपहर 12:00
शनि, 9 मार्च 2030पंचमीभरणीसुबह 9:02 – सुबह 10:31
रवि, 10 मार्च 2030षष्ठीकृत्तिकाशाम 4:26 – शाम 5:55
सोम, 11 मार्च 2030सप्तमीरोहिणीसुबह 7:32 – सुबह 9:01

सामान्य प्रश्न

मंगल, 5 मार्च 2030 को पटना में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा है; दोपहर 12:36 तक।

मंगल, 5 मार्च 2030 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद है; दोपहर 2:15 तक।

मंगल, 5 मार्च 2030 को पटना में राहु काल कब है?

पटना में राहु काल दोपहर 2:57 – शाम 4:25 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 5 मार्च 2030 को पटना में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:09 और सूर्यास्त शाम 5:53 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।