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दैनिक पंचांग

पटना पंचांग, गुरु, 25 अक्टूबर 2029

गुरु, 25 अक्टूबर 2029 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:53 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र कृत्तिका, योग सिद्धि और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 12:58 – दोपहर 2:23 है।

सूर्योदय
तड़के 5:53
सूर्यास्त
शाम 5:13
तिथि
तृतीया · रात 10:35 तक
नक्षत्र
कृत्तिका · दोपहर 1:54 तक
योग
सिद्धि
करण
वणिज
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 12:58 – दोपहर 2:23
यमगंड
तड़के 5:53 – सुबह 7:18
गुलिक काल
सुबह 8:43 – सुबह 10:08
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:04 – सुबह 11:52
अमृत काल
सुबह 10:50 – दोपहर 12:15

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आज पटना में

गुरु, 25 अक्टूबर 2029 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:53 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र कृत्तिका, योग सिद्धि और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 12:58 – दोपहर 2:23 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पटना – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 26 अक्टूबर 2029चतुर्थीरोहिणीसुबह 10:08 – सुबह 11:33
शनि, 27 अक्टूबर 2029पंचमीमृगशिरासुबह 8:43 – सुबह 10:08
रवि, 28 अक्टूबर 2029षष्ठीआर्द्रादोपहर 3:46 – शाम 5:11
सोम, 29 अक्टूबर 2029सप्तमीपुनर्वसुसुबह 7:20 – सुबह 8:44
मंगल, 30 अक्टूबर 2029अष्टमीपुष्यदोपहर 2:21 – दोपहर 3:45
बुध, 31 अक्टूबर 2029नवमीआश्लेषासुबह 11:32 – दोपहर 12:56

सामान्य प्रश्न

गुरु, 25 अक्टूबर 2029 को पटना में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि तृतीया है; रात 10:35 तक।

गुरु, 25 अक्टूबर 2029 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र कृत्तिका है; दोपहर 1:54 तक।

गुरु, 25 अक्टूबर 2029 को पटना में राहु काल कब है?

पटना में राहु काल दोपहर 12:58 – दोपहर 2:23 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 25 अक्टूबर 2029 को पटना में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:53 और सूर्यास्त शाम 5:13 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।