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दैनिक पंचांग

पटना पंचांग, शुक्र, 26 अक्टूबर 2029

शुक्र, 26 अक्टूबर 2029 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:53 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र रोहिणी, योग व्यतीपात और करण बव है। राहु काल सुबह 10:08 – सुबह 11:33 है।

सूर्योदय
तड़के 5:53
सूर्यास्त
शाम 5:12
तिथि
चतुर्थी · रात 12:53 तक
नक्षत्र
रोहिणी · शाम 4:45 तक
योग
व्यतीपात
करण
बव
वार
शुक्रवार
राहु काल
सुबह 10:08 – सुबह 11:33
यमगंड
दोपहर 2:22 – दोपहर 3:47
गुलिक काल
सुबह 7:18 – सुबह 8:43
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:04 – सुबह 11:52
अमृत काल
दोपहर 12:15 – दोपहर 1:40

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आज पटना में

शुक्र, 26 अक्टूबर 2029 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:53 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र रोहिणी, योग व्यतीपात और करण बव है। राहु काल सुबह 10:08 – सुबह 11:33 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पटना – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शनि, 27 अक्टूबर 2029पंचमीमृगशिरासुबह 8:43 – सुबह 10:08
रवि, 28 अक्टूबर 2029षष्ठीआर्द्रादोपहर 3:46 – शाम 5:11
सोम, 29 अक्टूबर 2029सप्तमीपुनर्वसुसुबह 7:20 – सुबह 8:44
मंगल, 30 अक्टूबर 2029अष्टमीपुष्यदोपहर 2:21 – दोपहर 3:45
बुध, 31 अक्टूबर 2029नवमीआश्लेषासुबह 11:32 – दोपहर 12:56
गुरु, 1 नवंबर 2029दशमीमघादोपहर 12:56 – दोपहर 2:20

सामान्य प्रश्न

शुक्र, 26 अक्टूबर 2029 को पटना में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी है; रात 12:53 तक।

शुक्र, 26 अक्टूबर 2029 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र रोहिणी है; शाम 4:45 तक।

शुक्र, 26 अक्टूबर 2029 को पटना में राहु काल कब है?

पटना में राहु काल सुबह 10:08 – सुबह 11:33 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शुक्र, 26 अक्टूबर 2029 को पटना में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:53 और सूर्यास्त शाम 5:12 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।