दैनिक पंचांग
पटना पंचांग, सोम, 10 सितंबर 2029
सोम, 10 सितंबर 2029 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:33 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र हस्त, योग शुभ और करण कौलव है। राहु काल सुबह 7:06 – सुबह 8:39 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:33
- सूर्यास्त
- शाम 5:59
- तिथि
- द्वितीया · सुबह 9:32 तक
- नक्षत्र
- हस्त · शाम 6:56 तक
- योग
- शुभ
- करण
- कौलव
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 7:06 – सुबह 8:39
- यमगंड
- सुबह 10:13 – सुबह 11:46
- गुलिक काल
- दोपहर 1:19 – दोपहर 2:52
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:15 – दोपहर 12:03
- अमृत काल
- सुबह 6:19 – सुबह 7:53
आज पटना में
सोम, 10 सितंबर 2029 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:33 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र हस्त, योग शुभ और करण कौलव है। राहु काल सुबह 7:06 – सुबह 8:39 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 11 सितंबर 2029 | तृतीया | चित्रा | दोपहर 2:51 – शाम 4:24 |
| बुध, 12 सितंबर 2029 | पंचमी | स्वाती | सुबह 11:45 – दोपहर 1:18 |
| गुरु, 13 सितंबर 2029 | षष्ठी | विशाखा | दोपहर 1:17 – दोपहर 2:50 |
| शुक्र, 14 सितंबर 2029 | सप्तमी | अनुराधा | सुबह 10:12 – सुबह 11:44 |
| शनि, 15 सितंबर 2029 | अष्टमी | ज्येष्ठा | सुबह 8:39 – सुबह 10:12 |
| रवि, 16 सितंबर 2029 | नवमी | मूल | शाम 4:20 – शाम 5:52 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 10 सितंबर 2029 को पटना में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि द्वितीया है; सुबह 9:32 तक।
सोम, 10 सितंबर 2029 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र हस्त है; शाम 6:56 तक।
सोम, 10 सितंबर 2029 को पटना में राहु काल कब है?
पटना में राहु काल सुबह 7:06 – सुबह 8:39 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 10 सितंबर 2029 को पटना में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:33 और सूर्यास्त शाम 5:59 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।