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दैनिक पंचांग

पटना पंचांग, बुध, 12 सितंबर 2029

बुध, 12 सितंबर 2029 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:34 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र स्वाती, योग ब्रह्म और करण बव है। राहु काल सुबह 11:45 – दोपहर 1:18 है।

सूर्योदय
तड़के 5:34
सूर्यास्त
शाम 5:56
तिथि
पंचमी · रात 12:06 तक
नक्षत्र
स्वाती · दोपहर 2:10 तक
योग
ब्रह्म
करण
बव
वार
बुधवार
राहु काल
सुबह 11:45 – दोपहर 1:18
यमगंड
सुबह 7:06 – सुबह 8:39
गुलिक काल
सुबह 10:12 – सुबह 11:45
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:14 – दोपहर 12:02
अमृत काल
सुबह 9:26 – सुबह 10:59

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आज पटना में

बुध, 12 सितंबर 2029 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:34 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र स्वाती, योग ब्रह्म और करण बव है। राहु काल सुबह 11:45 – दोपहर 1:18 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पटना – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 13 सितंबर 2029षष्ठीविशाखादोपहर 1:17 – दोपहर 2:50
शुक्र, 14 सितंबर 2029सप्तमीअनुराधासुबह 10:12 – सुबह 11:44
शनि, 15 सितंबर 2029अष्टमीज्येष्ठासुबह 8:39 – सुबह 10:12
रवि, 16 सितंबर 2029नवमीमूलशाम 4:20 – शाम 5:52
सोम, 17 सितंबर 2029दशमीपूर्वाषाढ़ासुबह 7:07 – सुबह 8:39
मंगल, 18 सितंबर 2029एकादशीउत्तराषाढ़ादोपहर 2:46 – शाम 4:18

सामान्य प्रश्न

बुध, 12 सितंबर 2029 को पटना में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि पंचमी है; रात 12:06 तक।

बुध, 12 सितंबर 2029 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र स्वाती है; दोपहर 2:10 तक।

बुध, 12 सितंबर 2029 को पटना में राहु काल कब है?

पटना में राहु काल सुबह 11:45 – दोपहर 1:18 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 12 सितंबर 2029 को पटना में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:34 और सूर्यास्त शाम 5:56 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।