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दैनिक पंचांग

मैसूर पंचांग, सोम, 13 जनवरी 2031

सोम, 13 जनवरी 2031 को मैसूर में सूर्योदय सुबह 6:47 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी, योग आयुष्मान और करण बालव है। राहु काल सुबह 8:13 – सुबह 9:39 है।

सूर्योदय
सुबह 6:47
सूर्यास्त
शाम 6:16
तिथि
चतुर्थी · सुबह 6:29 तक
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी · रात 2:00 तक
योग
आयुष्मान
करण
बालव
वार
सोमवार
राहु काल
सुबह 8:13 – सुबह 9:39
यमगंड
सुबह 11:05 – दोपहर 12:31
गुलिक काल
दोपहर 1:58 – दोपहर 3:24
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 12:03 – दोपहर 12:51
अमृत काल
सुबह 7:30 – सुबह 8:56

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आज मैसूर में

सोम, 13 जनवरी 2031 को मैसूर में सूर्योदय सुबह 6:47 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी, योग आयुष्मान और करण बालव है। राहु काल सुबह 8:13 – सुबह 9:39 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मैसूर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

मैसूर – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
मंगल, 14 जनवरी 2031पंचमीउत्तरा फाल्गुनीदोपहर 3:24 – शाम 4:50
बुध, 15 जनवरी 2031षष्ठीहस्तदोपहर 12:32 – दोपहर 1:58
गुरु, 16 जनवरी 2031सप्तमीचित्रादोपहर 1:59 – दोपहर 3:25
शुक्र, 17 जनवरी 2031अष्टमीस्वातीसुबह 11:07 – दोपहर 12:33
शनि, 18 जनवरी 2031दशमीविशाखासुबह 9:41 – सुबह 11:07
रवि, 19 जनवरी 2031एकादशीअनुराधाशाम 4:52 – शाम 6:19

सामान्य प्रश्न

सोम, 13 जनवरी 2031 को मैसूर में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी है; सुबह 6:29 तक।

सोम, 13 जनवरी 2031 को मैसूर में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी है; रात 2:00 तक।

सोम, 13 जनवरी 2031 को मैसूर में राहु काल कब है?

मैसूर में राहु काल सुबह 8:13 – सुबह 9:39 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

सोम, 13 जनवरी 2031 को मैसूर में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:47 और सूर्यास्त शाम 6:16 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।