सामग्री पर जाएँ

दैनिक पंचांग

मैसूर पंचांग, मंगल, 14 जनवरी 2031

मंगल, 14 जनवरी 2031 को मैसूर में सूर्योदय सुबह 6:48 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी, योग सौभाग्य और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 3:24 – शाम 4:50 है।

सूर्योदय
सुबह 6:48
सूर्यास्त
शाम 6:16
तिथि
पंचमी · सुबह 7:04 तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी · रात 2:45 तक
योग
सौभाग्य
करण
तैतिल
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 3:24 – शाम 4:50
यमगंड
सुबह 9:40 – सुबह 11:06
गुलिक काल
दोपहर 12:32 – दोपहर 1:58
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 12:03 – दोपहर 12:51
अमृत काल
सुबह 8:57 – सुबह 10:23

पूरा पंचांग खोलें

आज मैसूर में

मंगल, 14 जनवरी 2031 को मैसूर में सूर्योदय सुबह 6:48 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी, योग सौभाग्य और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 3:24 – शाम 4:50 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मैसूर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

मैसूर – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 15 जनवरी 2031षष्ठीहस्तदोपहर 12:32 – दोपहर 1:58
गुरु, 16 जनवरी 2031सप्तमीचित्रादोपहर 1:59 – दोपहर 3:25
शुक्र, 17 जनवरी 2031अष्टमीस्वातीसुबह 11:07 – दोपहर 12:33
शनि, 18 जनवरी 2031दशमीविशाखासुबह 9:41 – सुबह 11:07
रवि, 19 जनवरी 2031एकादशीअनुराधाशाम 4:52 – शाम 6:19
सोम, 20 जनवरी 2031द्वादशीज्येष्ठासुबह 8:15 – सुबह 9:41

सामान्य प्रश्न

मंगल, 14 जनवरी 2031 को मैसूर में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि पंचमी है; सुबह 7:04 तक।

मंगल, 14 जनवरी 2031 को मैसूर में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी है; रात 2:45 तक।

मंगल, 14 जनवरी 2031 को मैसूर में राहु काल कब है?

मैसूर में राहु काल दोपहर 3:24 – शाम 4:50 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 14 जनवरी 2031 को मैसूर में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:48 और सूर्यास्त शाम 6:16 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।