दैनिक पंचांग
मैसूर पंचांग, रवि, 14 अक्टूबर 2029
रवि, 14 अक्टूबर 2029 को मैसूर में सूर्योदय सुबह 6:13 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा, योग शोभन और करण विष्टि है। राहु काल शाम 4:36 – शाम 6:05 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:13
- सूर्यास्त
- शाम 6:05
- तिथि
- अष्टमी · तड़के 4:29 तक
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ा · दोपहर 3:49 तक
- योग
- शोभन
- करण
- विष्टि
- वार
- रविवार
- राहु काल
- शाम 4:36 – शाम 6:05
- यमगंड
- दोपहर 12:09 – दोपहर 1:38
- गुलिक काल
- दोपहर 3:07 – शाम 4:36
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:39 – दोपहर 12:27
- अमृत काल
- दोपहर 12:53 – दोपहर 2:22
आज मैसूर में
रवि, 14 अक्टूबर 2029 को मैसूर में सूर्योदय सुबह 6:13 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा, योग शोभन और करण विष्टि है। राहु काल शाम 4:36 – शाम 6:05 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मैसूर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| सोम, 15 अक्टूबर 2029 | नवमी | उत्तराषाढ़ा | सुबह 7:42 – सुबह 9:11 |
| मंगल, 16 अक्टूबर 2029 | दशमी | श्रवण | दोपहर 3:06 – शाम 4:35 |
| बुध, 17 अक्टूबर 2029 | एकादशी | धनिष्ठा | दोपहर 12:08 – दोपहर 1:37 |
| गुरु, 18 अक्टूबर 2029 | एकादशी | शतभिषा | दोपहर 1:37 – दोपहर 3:05 |
| शुक्र, 19 अक्टूबर 2029 | द्वादशी | पूर्वा भाद्रपद | सुबह 10:39 – दोपहर 12:08 |
| शनि, 20 अक्टूबर 2029 | त्रयोदशी | उत्तरा भाद्रपद | सुबह 9:11 – सुबह 10:39 |
सामान्य प्रश्न
रवि, 14 अक्टूबर 2029 को मैसूर में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि अष्टमी है; तड़के 4:29 तक।
रवि, 14 अक्टूबर 2029 को मैसूर में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा है; दोपहर 3:49 तक।
रवि, 14 अक्टूबर 2029 को मैसूर में राहु काल कब है?
मैसूर में राहु काल शाम 4:36 – शाम 6:05 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
रवि, 14 अक्टूबर 2029 को मैसूर में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:13 और सूर्यास्त शाम 6:05 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।