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दैनिक पंचांग

मैसूर पंचांग, मंगल, 16 अक्टूबर 2029

मंगल, 16 अक्टूबर 2029 को मैसूर में सूर्योदय सुबह 6:13 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र श्रवण, योग सुकर्मा और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 3:06 – शाम 4:35 है।

सूर्योदय
सुबह 6:13
सूर्यास्त
शाम 6:04
तिथि
दशमी · तड़के 5:24 तक
नक्षत्र
श्रवण · शाम 5:21 तक
योग
सुकर्मा
करण
तैतिल
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 3:06 – शाम 4:35
यमगंड
सुबह 9:11 – सुबह 10:40
गुलिक काल
दोपहर 12:08 – दोपहर 1:37
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:39 – दोपहर 12:27
अमृत काल
सुबह 8:26 – सुबह 9:55

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आज मैसूर में

मंगल, 16 अक्टूबर 2029 को मैसूर में सूर्योदय सुबह 6:13 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र श्रवण, योग सुकर्मा और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 3:06 – शाम 4:35 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मैसूर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

मैसूर – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 17 अक्टूबर 2029एकादशीधनिष्ठादोपहर 12:08 – दोपहर 1:37
गुरु, 18 अक्टूबर 2029एकादशीशतभिषादोपहर 1:37 – दोपहर 3:05
शुक्र, 19 अक्टूबर 2029द्वादशीपूर्वा भाद्रपदसुबह 10:39 – दोपहर 12:08
शनि, 20 अक्टूबर 2029त्रयोदशीउत्तरा भाद्रपदसुबह 9:11 – सुबह 10:39
रवि, 21 अक्टूबर 2029चतुर्दशीरेवतीशाम 4:33 – शाम 6:01
सोम, 22 अक्टूबर 2029पूर्णिमाअश्विनीसुबह 7:42 – सुबह 9:11

सामान्य प्रश्न

मंगल, 16 अक्टूबर 2029 को मैसूर में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि दशमी है; तड़के 5:24 तक।

मंगल, 16 अक्टूबर 2029 को मैसूर में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र श्रवण है; शाम 5:21 तक।

मंगल, 16 अक्टूबर 2029 को मैसूर में राहु काल कब है?

मैसूर में राहु काल दोपहर 3:06 – शाम 4:35 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 16 अक्टूबर 2029 को मैसूर में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:13 और सूर्यास्त शाम 6:04 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।