दैनिक पंचांग
मैसूर पंचांग, बुध, 18 जुलाई 2029
बुध, 18 जुलाई 2029 को मैसूर में सूर्योदय सुबह 6:06 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र चित्रा, योग परिघ और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 12:29 – दोपहर 2:05 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:06
- सूर्यास्त
- शाम 6:52
- तिथि
- सप्तमी · सुबह 8:54 तक
- नक्षत्र
- चित्रा · रात 3:39 तक
- योग
- परिघ
- करण
- वणिज
- वार
- बुधवार
- राहु काल
- दोपहर 12:29 – दोपहर 2:05
- यमगंड
- सुबह 7:42 – सुबह 9:18
- गुलिक काल
- सुबह 10:53 – दोपहर 12:29
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:57 – दोपहर 12:45
- अमृत काल
- सुबह 10:06 – सुबह 11:41
आज मैसूर में
बुध, 18 जुलाई 2029 को मैसूर में सूर्योदय सुबह 6:06 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र चित्रा, योग परिघ और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 12:29 – दोपहर 2:05 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मैसूर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| गुरु, 19 जुलाई 2029 | अष्टमी | स्वाती | दोपहर 2:05 – दोपहर 3:41 |
| शुक्र, 20 जुलाई 2029 | दशमी | विशाखा | सुबह 10:54 – दोपहर 12:29 |
| शनि, 21 जुलाई 2029 | एकादशी | अनुराधा | सुबह 9:18 – सुबह 10:54 |
| रवि, 22 जुलाई 2029 | द्वादशी | ज्येष्ठा | शाम 5:16 – शाम 6:51 |
| सोम, 23 जुलाई 2029 | त्रयोदशी | मूल | सुबह 7:43 – सुबह 9:18 |
| मंगल, 24 जुलाई 2029 | चतुर्दशी | पूर्वाषाढ़ा | दोपहर 3:40 – शाम 5:16 |
सामान्य प्रश्न
बुध, 18 जुलाई 2029 को मैसूर में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि सप्तमी है; सुबह 8:54 तक।
बुध, 18 जुलाई 2029 को मैसूर में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र चित्रा है; रात 3:39 तक।
बुध, 18 जुलाई 2029 को मैसूर में राहु काल कब है?
मैसूर में राहु काल दोपहर 12:29 – दोपहर 2:05 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
बुध, 18 जुलाई 2029 को मैसूर में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:06 और सूर्यास्त शाम 6:52 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।