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दैनिक पंचांग

मैसूर पंचांग, रवि, 22 जुलाई 2029

रवि, 22 जुलाई 2029 को मैसूर में सूर्योदय सुबह 6:07 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र ज्येष्ठा, योग शुक्ल और करण बव है। राहु काल शाम 5:16 – शाम 6:51 है।

सूर्योदय
सुबह 6:07
सूर्यास्त
शाम 6:51
तिथि
द्वादशी · रात 10:30 तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा · रात 10:40 तक
योग
शुक्ल
करण
बव
वार
रविवार
राहु काल
शाम 5:16 – शाम 6:51
यमगंड
दोपहर 12:29 – दोपहर 2:05
गुलिक काल
दोपहर 3:40 – शाम 5:16
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:58 – दोपहर 12:46
अमृत काल
दोपहर 1:17 – दोपहर 2:53

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आज मैसूर में

रवि, 22 जुलाई 2029 को मैसूर में सूर्योदय सुबह 6:07 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र ज्येष्ठा, योग शुक्ल और करण बव है। राहु काल शाम 5:16 – शाम 6:51 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मैसूर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

मैसूर – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
सोम, 23 जुलाई 2029त्रयोदशीमूलसुबह 7:43 – सुबह 9:18
मंगल, 24 जुलाई 2029चतुर्दशीपूर्वाषाढ़ादोपहर 3:40 – शाम 5:16
बुध, 25 जुलाई 2029पूर्णिमाउत्तराषाढ़ादोपहर 12:29 – दोपहर 2:05
गुरु, 26 जुलाई 2029प्रतिपदाश्रवणदोपहर 2:05 – दोपहर 3:40
शुक्र, 27 जुलाई 2029द्वितीयाधनिष्ठासुबह 10:54 – दोपहर 12:29
शनि, 28 जुलाई 2029तृतीयाशतभिषासुबह 9:19 – सुबह 10:54

सामान्य प्रश्न

रवि, 22 जुलाई 2029 को मैसूर में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि द्वादशी है; रात 10:30 तक।

रवि, 22 जुलाई 2029 को मैसूर में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र ज्येष्ठा है; रात 10:40 तक।

रवि, 22 जुलाई 2029 को मैसूर में राहु काल कब है?

मैसूर में राहु काल शाम 5:16 – शाम 6:51 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

रवि, 22 जुलाई 2029 को मैसूर में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:07 और सूर्यास्त शाम 6:51 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।