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दैनिक पंचांग

मुंबई पंचांग, गुरु, 13 मई 2032

गुरु, 13 मई 2032 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 6:04 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र आर्द्रा, योग सुकर्मा और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 2:12 – दोपहर 3:50 है।

सूर्योदय
सुबह 6:04
सूर्यास्त
रात 7:05
तिथि
चतुर्थी · रात 8:01 तक
नक्षत्र
आर्द्रा · रात 1:44 तक
योग
सुकर्मा
करण
वणिज
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 2:12 – दोपहर 3:50
यमगंड
सुबह 6:04 – सुबह 7:42
गुलिक काल
सुबह 9:19 – सुबह 10:57
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 12:02 – दोपहर 12:50
अमृत काल
सुबह 11:46 – दोपहर 1:23

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आज मुंबई में

गुरु, 13 मई 2032 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 6:04 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र आर्द्रा, योग सुकर्मा और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 2:12 – दोपहर 3:50 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मुंबई के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

मुंबई – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 14 मई 2032पंचमीपुनर्वसुसुबह 10:57 – दोपहर 12:34
शनि, 15 मई 2032षष्ठीपुष्यसुबह 9:19 – सुबह 10:57
रवि, 16 मई 2032सप्तमीपुष्यशाम 5:28 – रात 7:06
सोम, 17 मई 2032अष्टमीआश्लेषासुबह 7:41 – सुबह 9:19
मंगल, 18 मई 2032नवमीमघादोपहर 3:51 – शाम 5:29
बुध, 19 मई 2032नवमीपूर्वा फाल्गुनीदोपहर 12:35 – दोपहर 2:13

सामान्य प्रश्न

गुरु, 13 मई 2032 को मुंबई में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी है; रात 8:01 तक।

गुरु, 13 मई 2032 को मुंबई में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र आर्द्रा है; रात 1:44 तक।

गुरु, 13 मई 2032 को मुंबई में राहु काल कब है?

मुंबई में राहु काल दोपहर 2:12 – दोपहर 3:50 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 13 मई 2032 को मुंबई में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:04 और सूर्यास्त रात 7:05 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।