दैनिक पंचांग
मुंबई पंचांग, सोम, 17 मई 2032
सोम, 17 मई 2032 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 6:03 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र आश्लेषा, योग वृद्धि और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 7:41 – सुबह 9:19 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:03
- सूर्यास्त
- रात 7:06
- तिथि
- अष्टमी · तड़के 4:24 तक
- नक्षत्र
- आश्लेषा · सुबह 9:41 तक
- योग
- वृद्धि
- करण
- विष्टि
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 7:41 – सुबह 9:19
- यमगंड
- सुबह 10:57 – दोपहर 12:35
- गुलिक काल
- दोपहर 2:12 – दोपहर 3:50
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:02 – दोपहर 12:50
- अमृत काल
- सुबह 6:52 – सुबह 8:30
आज मुंबई में
सोम, 17 मई 2032 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 6:03 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र आश्लेषा, योग वृद्धि और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 7:41 – सुबह 9:19 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मुंबई के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 18 मई 2032 | नवमी | मघा | दोपहर 3:51 – शाम 5:29 |
| बुध, 19 मई 2032 | नवमी | पूर्वा फाल्गुनी | दोपहर 12:35 – दोपहर 2:13 |
| गुरु, 20 मई 2032 | दशमी | उत्तरा फाल्गुनी | दोपहर 2:13 – दोपहर 3:51 |
| शुक्र, 21 मई 2032 | एकादशी | हस्त | सुबह 10:56 – दोपहर 12:35 |
| शनि, 22 मई 2032 | द्वादशी | चित्रा | सुबह 9:18 – सुबह 10:56 |
| रवि, 23 मई 2032 | त्रयोदशी | स्वाती | शाम 5:30 – रात 7:09 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 17 मई 2032 को मुंबई में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि अष्टमी है; तड़के 4:24 तक।
सोम, 17 मई 2032 को मुंबई में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र आश्लेषा है; सुबह 9:41 तक।
सोम, 17 मई 2032 को मुंबई में राहु काल कब है?
मुंबई में राहु काल सुबह 7:41 – सुबह 9:19 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 17 मई 2032 को मुंबई में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:03 और सूर्यास्त रात 7:06 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।