दैनिक पंचांग
मदुरै पंचांग, मंगल, 24 जून 2031
मंगल, 24 जून 2031 को मदुरै में सूर्योदय तड़के 5:58 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र आश्लेषा, योग व्याघात और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 3:30 – शाम 5:05 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:58
- सूर्यास्त
- शाम 6:41
- तिथि
- चतुर्थी · दोपहर 1:28 तक
- नक्षत्र
- आश्लेषा · रात 8:45 तक
- योग
- व्याघात
- करण
- विष्टि
- वार
- मंगलवार
- राहु काल
- दोपहर 3:30 – शाम 5:05
- यमगंड
- सुबह 9:09 – सुबह 10:44
- गुलिक काल
- दोपहर 12:19 – दोपहर 1:55
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:48 – दोपहर 12:36
- अमृत काल
- सुबह 8:21 – सुबह 9:57
आज मदुरै में
मंगल, 24 जून 2031 को मदुरै में सूर्योदय तड़के 5:58 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र आश्लेषा, योग व्याघात और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 3:30 – शाम 5:05 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मदुरै के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| बुध, 25 जून 2031 | पंचमी | मघा | दोपहर 12:20 – दोपहर 1:55 |
| गुरु, 26 जून 2031 | षष्ठी | पूर्वा फाल्गुनी | दोपहर 1:55 – दोपहर 3:30 |
| शुक्र, 27 जून 2031 | सप्तमी | उत्तरा फाल्गुनी | सुबह 10:45 – दोपहर 12:20 |
| शनि, 28 जून 2031 | अष्टमी | हस्त | सुबह 9:10 – सुबह 10:45 |
| रवि, 29 जून 2031 | नवमी | चित्रा | शाम 5:06 – शाम 6:41 |
| सोम, 30 जून 2031 | दशमी | स्वाती | सुबह 7:35 – सुबह 9:10 |
सामान्य प्रश्न
मंगल, 24 जून 2031 को मदुरै में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी है; दोपहर 1:28 तक।
मंगल, 24 जून 2031 को मदुरै में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र आश्लेषा है; रात 8:45 तक।
मंगल, 24 जून 2031 को मदुरै में राहु काल कब है?
मदुरै में राहु काल दोपहर 3:30 – शाम 5:05 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
मंगल, 24 जून 2031 को मदुरै में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:58 और सूर्यास्त शाम 6:41 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।