दैनिक पंचांग
मदुरै पंचांग, शुक्र, 27 जून 2031
शुक्र, 27 जून 2031 को मदुरै में सूर्योदय तड़के 5:59 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी, योग सिद्धि और करण वणिज है। राहु काल सुबह 10:45 – दोपहर 12:20 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:59
- सूर्यास्त
- शाम 6:41
- तिथि
- सप्तमी · शाम 5:38 तक
- नक्षत्र
- उत्तरा फाल्गुनी · रात 2:19 तक
- योग
- सिद्धि
- करण
- वणिज
- वार
- शुक्रवार
- राहु काल
- सुबह 10:45 – दोपहर 12:20
- यमगंड
- दोपहर 3:31 – शाम 5:06
- गुलिक काल
- सुबह 7:34 – सुबह 9:10
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:48 – दोपहर 12:36
- अमृत काल
- दोपहर 1:08 – दोपहर 2:43
आज मदुरै में
शुक्र, 27 जून 2031 को मदुरै में सूर्योदय तड़के 5:59 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी, योग सिद्धि और करण वणिज है। राहु काल सुबह 10:45 – दोपहर 12:20 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मदुरै के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शनि, 28 जून 2031 | अष्टमी | हस्त | सुबह 9:10 – सुबह 10:45 |
| रवि, 29 जून 2031 | नवमी | चित्रा | शाम 5:06 – शाम 6:41 |
| सोम, 30 जून 2031 | दशमी | स्वाती | सुबह 7:35 – सुबह 9:10 |
| मंगल, 1 जुलाई 2031 | एकादशी | विशाखा | दोपहर 3:31 – शाम 5:06 |
| बुध, 2 जुलाई 2031 | द्वादशी | अनुराधा | दोपहर 12:21 – दोपहर 1:56 |
| गुरु, 3 जुलाई 2031 | त्रयोदशी | ज्येष्ठा | दोपहर 1:56 – दोपहर 3:32 |
सामान्य प्रश्न
शुक्र, 27 जून 2031 को मदुरै में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि सप्तमी है; शाम 5:38 तक।
शुक्र, 27 जून 2031 को मदुरै में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी है; रात 2:19 तक।
शुक्र, 27 जून 2031 को मदुरै में राहु काल कब है?
मदुरै में राहु काल सुबह 10:45 – दोपहर 12:20 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शुक्र, 27 जून 2031 को मदुरै में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:59 और सूर्यास्त शाम 6:41 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।