दैनिक पंचांग
लखनऊ पंचांग, शनि, 12 अगस्त 2034
शनि, 12 अगस्त 2034 को लखनऊ में सूर्योदय तड़के 5:36 पर और सूर्यास्त शाम 6:45 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि त्रयोदशी है, जो दोपहर 12:10 तक रहेगी, और नक्षत्र पुनर्वसु है, जो दोपहर 3:38 तक रहेगा। योग वज्र और करण वणिज है। राहु काल सुबह 8:53 – सुबह 10:32 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:36
- सूर्यास्त
- शाम 6:45
- तिथि
- त्रयोदशी · दोपहर 12:10 तक
- नक्षत्र
- पुनर्वसु · दोपहर 3:38 तक
- योग
- वज्र
- करण
- वणिज
- वार
- शनिवार
- राहु काल
- सुबह 8:53 – सुबह 10:32
- यमगंड
- दोपहर 1:49 – दोपहर 3:28
- गुलिक काल
- तड़के 5:36 – सुबह 7:15
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:38 – दोपहर 12:26
- अमृत काल
- दोपहर 2:39 – शाम 4:17
आज लखनऊ में
शनि, 12 अगस्त 2034 को लखनऊ में सूर्योदय तड़के 5:36 पर और सूर्यास्त शाम 6:45 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि त्रयोदशी है, जो दोपहर 12:10 तक रहेगी, और नक्षत्र पुनर्वसु है, जो दोपहर 3:38 तक रहेगा। योग वज्र और करण वणिज है। राहु काल सुबह 8:53 – सुबह 10:32 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| रवि, 13 अगस्त 2034 | चतुर्दशी | पुष्य | शाम 5:06 – शाम 6:45 |
| सोम, 14 अगस्त 2034 | अमावस्या | आश्लेषा | सुबह 7:15 – सुबह 8:54 |
| मंगल, 15 अगस्त 2034 | प्रतिपदा | मघा | दोपहर 3:26 – शाम 5:05 |
| बुध, 16 अगस्त 2034 | द्वितीया | पूर्वा फाल्गुनी | दोपहर 12:10 – दोपहर 1:48 |
| गुरु, 17 अगस्त 2034 | तृतीया | उत्तरा फाल्गुनी | दोपहर 1:48 – दोपहर 3:25 |
| शुक्र, 18 अगस्त 2034 | चतुर्थी | हस्त | सुबह 10:32 – दोपहर 12:09 |
सामान्य प्रश्न
शनि, 12 अगस्त 2034 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी है; दोपहर 12:10 तक।
शनि, 12 अगस्त 2034 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र पुनर्वसु है; दोपहर 3:38 तक।
शनि, 12 अगस्त 2034 को लखनऊ में राहु काल कब है?
लखनऊ में राहु काल सुबह 8:53 – सुबह 10:32 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शनि, 12 अगस्त 2034 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:36 और सूर्यास्त शाम 6:45 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।