सामग्री पर जाएँ

दैनिक पंचांग

लखनऊ पंचांग, मंगल, 1 अगस्त 2034

मंगल, 1 अगस्त 2034 को लखनऊ में सूर्योदय तड़के 5:30 पर और सूर्यास्त शाम 6:54 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि प्रतिपदा है, जो सुबह 10:53 तक रहेगी, और नक्षत्र धनिष्ठा है, जो तड़के 4:41 तक रहेगा। योग प्रीति और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 3:33 – शाम 5:13 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।

सूर्योदय
तड़के 5:30
सूर्यास्त
शाम 6:54
तिथि
प्रतिपदा · सुबह 10:53 तक
नक्षत्र
धनिष्ठा · तड़के 4:41 तक
योग
प्रीति
करण
कौलव
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 3:33 – शाम 5:13
यमगंड
सुबह 8:51 – सुबह 10:32
गुलिक काल
दोपहर 12:12 – दोपहर 1:52
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:38 – दोपहर 12:26
अमृत काल
सुबह 8:01 – सुबह 9:41

पूरा पंचांग खोलें

आज लखनऊ में

मंगल, 1 अगस्त 2034 को लखनऊ में सूर्योदय तड़के 5:30 पर और सूर्यास्त शाम 6:54 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि प्रतिपदा है, जो सुबह 10:53 तक रहेगी, और नक्षत्र धनिष्ठा है, जो तड़के 4:41 तक रहेगा। योग प्रीति और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 3:33 – शाम 5:13 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

लखनऊ – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 2 अगस्त 2034द्वितीयाशतभिषादोपहर 12:12 – दोपहर 1:52
गुरु, 3 अगस्त 2034तृतीयापूर्वा भाद्रपददोपहर 1:52 – दोपहर 3:32
शुक्र, 4 अगस्त 2034चतुर्थीउत्तरा भाद्रपदसुबह 10:32 – दोपहर 12:12
शनि, 5 अगस्त 2034षष्ठीरेवतीसुबह 8:52 – सुबह 10:32
रवि, 6 अगस्त 2034सप्तमीअश्विनीशाम 5:11 – शाम 6:50
सोम, 7 अगस्त 2034अष्टमीभरणीसुबह 7:13 – सुबह 8:52

सामान्य प्रश्न

मंगल, 1 अगस्त 2034 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा है; सुबह 10:53 तक।

मंगल, 1 अगस्त 2034 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र धनिष्ठा है; तड़के 4:41 तक।

मंगल, 1 अगस्त 2034 को लखनऊ में राहु काल कब है?

लखनऊ में राहु काल दोपहर 3:33 – शाम 5:13 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 1 अगस्त 2034 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:30 और सूर्यास्त शाम 6:54 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।