दैनिक पंचांग
लखनऊ पंचांग, मंगल, 4 जुलाई 2034
मंगल, 4 जुलाई 2034 को लखनऊ में सूर्योदय तड़के 5:17 पर और सूर्यास्त रात 7:04 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि तृतीया है, जो रात 12:15 तक रहेगी, और नक्षत्र श्रवण है, जो रात 10:03 तक रहेगा। योग Vishkumbha और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 3:37 – शाम 5:20 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:17
- सूर्यास्त
- रात 7:04
- तिथि
- तृतीया · रात 12:15 तक
- नक्षत्र
- श्रवण · रात 10:03 तक
- योग
- Vishkumbha
- करण
- वणिज
- वार
- मंगलवार
- राहु काल
- दोपहर 3:37 – शाम 5:20
- यमगंड
- सुबह 8:43 – सुबह 10:27
- गुलिक काल
- दोपहर 12:10 – दोपहर 1:53
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:36 – दोपहर 12:24
- अमृत काल
- सुबह 7:52 – सुबह 9:35
आज लखनऊ में
मंगल, 4 जुलाई 2034 को लखनऊ में सूर्योदय तड़के 5:17 पर और सूर्यास्त रात 7:04 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि तृतीया है, जो रात 12:15 तक रहेगी, और नक्षत्र श्रवण है, जो रात 10:03 तक रहेगा। योग Vishkumbha और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 3:37 – शाम 5:20 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| बुध, 5 जुलाई 2034 | चतुर्थी | धनिष्ठा | दोपहर 12:10 – दोपहर 1:54 |
| गुरु, 6 जुलाई 2034 | पंचमी | शतभिषा | दोपहर 1:54 – दोपहर 3:37 |
| शुक्र, 7 जुलाई 2034 | षष्ठी | पूर्वा भाद्रपद | सुबह 10:27 – दोपहर 12:11 |
| शनि, 8 जुलाई 2034 | सप्तमी | उत्तरा भाद्रपद | सुबह 8:45 – सुबह 10:28 |
| रवि, 9 जुलाई 2034 | अष्टमी | रेवती | शाम 5:20 – रात 7:03 |
| सोम, 10 जुलाई 2034 | नवमी | अश्विनी | सुबह 7:02 – सुबह 8:45 |
सामान्य प्रश्न
मंगल, 4 जुलाई 2034 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि तृतीया है; रात 12:15 तक।
मंगल, 4 जुलाई 2034 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र श्रवण है; रात 10:03 तक।
मंगल, 4 जुलाई 2034 को लखनऊ में राहु काल कब है?
लखनऊ में राहु काल दोपहर 3:37 – शाम 5:20 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
मंगल, 4 जुलाई 2034 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:17 और सूर्यास्त रात 7:04 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।